बड़े बेदर्द बालमा-2

(Bade Bedard Balma-2)

अरुण
बहरहाल मैंने उसके पैर को V के शेप में चौड़ा करके पलंग के किनारे वाले पायों से बांध दिया।
अब वो असहाय थी, मैं यहीं नहीं रुका, मैंने उन सब रस्सियों को खींच कर थोड़ा कस भी दिया।

मैंने उसके सर और कमर के नीचे पहले ही दो तकिये रख दिए थे, जिससे उसका सीना ऊपर हो गया था, रस्सी नीचे बाँधी थी और जैसे ही उस रस्सी को और टाइट किया उसके वक्ष और ज्यादा उभर कर तन गए।

मेरे बोंडेज गेम का पहला चरण पूरा हो चुका था, अब वो पूरी तरह से मेरे कब्जे और काबू में थी।
अगला और मुख्य चरण बहुत उत्तेजक और सेक्सी होने वाला था, जिसे सोच कर मेरे लंड में अभी से ही हलचल शुरू हो गई थी।
इस समय वो पलंग पर अच्छे से बंधी और पसरी हुई थी, और मैं क्या करने वाला हूँ, यह सोच रही थी।

मैं उसकी बगल में आकर लेट गया और उसके चेहरे पर अपना हाथ मसलते हुए बोला- अपनी खूबसूरती का बड़ा घमंड है न तुझे, आज मैं बताऊँगा तुझे साली !

और ऐसा कहते हुए उसके दोनों गाल पकड़ कर खींचे और बारी बारी से गालों पर चपत लगाई, उसकी आकर्षक नाक पकड़ कर हिलाई और फिर उसके होंठ मसलते हुए कुचलने लगा, यहाँ तक कि उत्तेजनावश उसके मुँह में अपनी उंगलियाँ डाल दी !
और !!!!
यहाँ मुझसे चूक हो गई !

उस बदमाश ने ज़ोर से अपने दाँतों से मेरी उंगलियाँ दबा ली।
मैं दर्द से बिलबिला उठा, मैंने उससे कहा- छोड़ मेरा हाथ !
उसने ना में सर हिला दिया।
मैंने उसके बोबे पकड़ कर दबा डाले पर उसको कोई फर्क ही नहीं पड़ा।

जो पाठक मेरी कहानियाँ नियमित पढ़ते हैं, उन्हें यह मालूम है कि उसे अपने वक्ष उभारों पर बल प्रयोग बहुत पसंद है।
मुझे बहुत दर्द हो रहा था, आखिर मैंने उसकी चिकनी बगलों पर ज़ोर से गुदगुदी की, तब उसने मेरा हाथ छोड़ा।
मुझे भी गुस्सा आ गया था, मैंने उसके बगल में अंदर तक हाथ डाल के उसका स्लीव लेस कुर्ता खींच कर फाड़ दिया, उसके दो टुकड़े हो गए।

मैंने दोनों फटे हुए पल्ले अलग कर के पटक दिए, फिर मैंने उसके कंधे के दोनों स्ट्रेप भी काट दिए और उसकी चीथड़ा हो चुकी कमीज को उसकी कमर से खींच कर उतार कर फेंक दिया।

कंधे के नीचे तकिया लगे होने और हाथ कस के ऊपर बंधे होने की वजह आज वक्ष कुछ ज्यादा ही उन्नत और उठे हुए थे, चुचूक भी पूरे सेंटर में तने हुए लग रहे थे, मन तो किया कि इन गोरे गोरे कबूतरों को प्यार कर लूँ, दुलार लूँ, चूम लूँ लेकिन आज का फोरप्ले कुछ और था तो मैंने उन्हें दबाया, चांटे मारे और निप्पल को ब्रा के ऊपर से ही हल्के से काट लिया, उसके मुख से जब तक सी…सी… नहीं निकल गई, मैंने अपने दांत गड़ाए रखे।

अब वो एक पुरानी टाइट ब्रा में थी जो उसके बहुत भिंच रही थी, उसमें उसके बोबे बमुश्किल ठुंसे हुए थे।
उसे लगा कि अब मैं ब्रा खोलूँगा पर मैंने उसे वैसे ही रहने दिया, मैं आज उसे तरसाना चाहता था !
अब मैंने उसके पेट पर अपने नाखूनों से खरोंचते हुए उंगलियाँ फिराई और नाभि में भी घुसाई !
वो कसमसा रही थी, तंग ब्रा से भी उसे तकलीफ ही हो रही थी।
अब मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोलना शुरू किया।

यह कहानी आप uralstroygroup.ru पर पढ़ रहे हैं !
दोस्तो, यहाँ भी उसकी शैतानी सामने आ गई, मेरी बदमाश बीवी ने मुझे परेशान करने के लिए ऐसी गाँठ लगा दी कि मैं पक गया खोलते खोलते पर वो नहीं खुली।
और वो साली, मेरी बीवी पड़ी हंस रही थी।
मैं खिसिया गया और सलवार का नाड़ा तोड़ने की कोशिश करने लगा पर वो भी नहीं टूटा मुझसे !
वो और ज़ोर से हंसी।

अब मुझे अपनी तौहीन लगी, मैंने जगह जगह से उसकी सलवार भी फाड़नी शुरू कर दी। पुरानी थी तो चर्र चर्र फटती गई और उसकी मांसल दूधिया जांघें और पिंडलियाँ बाहर आती गई।
यहाँ भी मैंने उसकी कच्छी को छोड़ दिया।

पूरी सलवार फट गई पर साला वो नाड़ा अभी भी फंसा हुआ मुझे मुँह चिढ़ा रहा था।
लेकिन इस नाड़े को भी कोई न कोई काम जरूर में जरूर लूंगा, यह सोच कर छोड़ दिया वरना उसे भी कैंची से काट सकता था।
फिर मैंने फ़िल्मी खलनायकों की तरह उसके नंगे जिस्म पर कैंची की नोक हल्के से चुभाते हुए फिरानी शुरू की। उसे गुदगुदी और चुभन का मिलाजुला अहसास हो रहा था।

वो मेरी तरफ देखते हुए बोली- क्या आज तुम शक्ति कपूर का रोले करने वाले हो?
मैंने कहा- हाँ जी ! और तुम श्री देवी !
कैंची नाड़े तक आई तो वो बोली- इसे भी काट दो ना, बहुत चुभ रहा है।
‘इसीलिए तो नहीं काट रहा हूँ छमिया !’
अब मैंने पूरी तरह से शक्ति कपूर बनते हुए फ़िल्मी डायलॉग मारा।

उस अधनंगी को भी हंसी आ गई, बोली- ओये होए !
मैंने भी अब उस नाड़े में और चार पांच गांठें कस कस कर लगा दी कि वो बुरी तरह से उसकी खाल में गड़ गया।
अब उसके पूरे बदन में चड्डी और चोली के अलावा सलवार कुर्ते के चीथड़े उलझ रहे थे, अब वो महा कामुक लग रही थी।
अब मैं उसे ऐसे ही पड़ा छोड़ कर अपना यौन उत्पीड़न का वो सामान ले आया जो मैंने इकठ्ठा किया था, या तैयार किया था।
वो मस्त बंधी लेटी हुई थी और मेहनत मेरी हो रही थी !

यह कहानी आप uralstroygroup.ru में पढ़ रहें हैं।

सबसे पहले मैंने कैंची निकाली और उसके चेहरे पर और उभारों के ऊपर लगा कर फ़िल्मी खलनायकों की तरह से उसे डराया, मेरी घटिया एक्टिंग देख कर उसे फिर से हंसी आ गई।
मैंने चिढ़ कर कैंची उसके ब्रा के बीच में फ़ंसाई और ‘खचाक’ से उसे बीच में से काट दिया और वो उस दिन का सबसे दुर्लभ और उत्तेजक सीन था जब उसके दोनों दूधिया गोले उछल कर आज़ाद हुए।

वो इतनी टाइट ब्रा थी कि उसने उसके वक्ष के नीचे से पूरे घेरे में गहरा लाल निशान बना दिया था।
और अब मैंने कैंची को उसकी चड्डी के अंदर घुसा दिया, कैंची के स्टील के स्पर्श ने जब उसकी चूत को छुआ तो वो चिहुंक उठी।
फिर मैंने उसकी जांघों के बीच वाली जगह से चड्डी का नीचे का सिरा पकड़ के ऊपर उठाया और वहाँ कैंची फंसा कर ‘खचाक्क्क…’ और चड्डी भी दो पल्लों में कट गई।

और तब चड्डी के बाकी बचे हिस्से को काटने के बजाये फाड़ फाड़ कर अलग किया।
अब मेरी गदराई हुई पत्नी लगभग पूर्ण निर्वस्त्र हो चुकी थी, नंग धड़ंग अवस्था में अपने पैर फैलाये और हाथों को ऊपर किये हुए बंधी हुई थी, लगभग नग्न इस लिए लिखा कि उसके शरीर पर बस एक नाड़ा ही बचा था।
अब मैंने कुछ और नर्म सी रस्सी लेकर उसके उरोज बाँधने शुरू किये, लेकिन सही बताऊँ दोस्तो, इन्हें अकेले बांधना बहुत ही मुश्किल हो रहा था।

काश कोई एक और दोस्त होता मेरे साथ जो चूचे को पकड़ता और मैं वक्ष को उसकी जड़ से बांधता।
मैंने यह बात उसे बताई भी सही तो वो मुस्कुराते हुए मज़ाक में बोली- तो बुला लेते न किसी को ! वैसे भी अब तुम्हारे ‘उस’ में वो पहले वाली बात रही नहीं !
मैंने फिर उसे कस के दो तीन चांटें उसके चूतड़ और छाती पर लगाए- जान तो निकल जाती है तुम्हारी चिल्ला चिल्ला के चुदाई में !

फिर मुझे एक आइडिया सूझा, मैंने उसके निप्पल को अपने दाँतों से पकड़ कर ऊपर उठाया और फिर आराम से उसके दोनों स्तन एक एक करके एकदम जड़ से कस के बांध दिए।
लेकिन वो बोली- यार, थोड़ा और टाइट बांधो, अभी मज़ा नहीं आया !
तो मैंने और कस दिए, इतने कि उनका खून ऊपर ही रुक गया और वो सफ़ेद से गहरे गुलाबी हो गए अब वो एक गुब्बारे की तरह से लग रहे थे।

इसके बाद मैंने उसके बंधे हुए नाड़े के पेट और पीठ की तरफ वाले हिस्से में फंदा सा बना कर एक रस्सी इस तरह से बाँधी कि वो उसकी चूत और गांड की लाइन में जाकर फंस गई और जब उसे मैंने खींच कर टाइट किया तो वो चूत को चीरते हुए अंदर तक धंस गई।
यहाँ उसे दर्द हुआ !
अब मैंने उस नंगी को अपनी रस्सी से बनी हुयी ब्रा और पेंटी पहना दी थी जो उसके बोबे और चूत को और ज्यादा दिखा रही थी और तकलीफ भी पहुंचा रही थी।

मेरा बंधन का काम पूरा हो चुका था।
अब मैंने कपड़े सुखाने वाली चिमटियाँ ली और सबसे पहले उसके कानो के टॉप्स निकाल कर वहाँ लगाई, एक उसके नीचे वाले होंठ में लगा दी।
और फिर दो चिमटियाँ मैंने उसकी तनी हुई चूचियों में लगा दी।
और फिर नीचे आते हुए उसकी चूत के दोनों होंठ जो रस्सी धंसी होने की वजह से और ज्यादा बाहर निकल रहे थे, उन पर दो दो चिमटियाँ लगा दिये
हर चिमटी के साथ उसकी सिसकारी निकल जाती थी।

अब वो बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चली थी क्योंकि उसकी शरारतें, हंसी मज़ाक सब गायब हो चुका था, उसकी आँखों में लाल लाल डोरे से तैर आये थे,
उसकी चूत भी अब पानी छोड़ने लगी थी।

इधर मेरा लंड भी कच्छे के अंदर फंसा घुटने लगा था, वो भी इस नज़ारे का दीदार करना चाहता था।
मेरी खुद की चड्डी की रगड़ से ही कहीं फव्वारा न छूट जाए, इस डर से मैंने अपने भी कपड़े उतारने का निर्णय किया और उससे अलग होकर अपना पायजामा, टी शर्ट और फिर बनियान और अंत में चड्डी भी उतार कर अपने आप को भी पूर्णतया नग्न कर लिया।

इसके बाद के अपने सनसनी खेज और उत्तेजक काम को अंजाम देने के लिए उसकी और बढ़ चला !
इसे आप इस घटना के अंतिम भाग में विस्तार से पढ़ेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा !
आप लोग मुझे मेल करते रहिये।
आपका अरुण



"desi sex story""xxx stories hindi""hindi sex stroy""sexy story kahani""hindisexy storys""hot story""beti ki saheli ki chudai""xxx hindi stories""tai ki chudai""हॉट हिंदी कहानी""hot sex hindi""chachi sex stories""latest hindi sex stories""aex stories""massage sex stories""hindi dirty sex stories""www hot sex story""biwi ki chut""sex story photo ke sath""hot sex stories in hindi""chudai ki story""hindi sexi kahani""hindi sexy khani""chodai ki kahani""all chudai story""sax stori""mother son sex stories""hindi hot sex story""hot kamukta"hotsexstoryindiporn"saas ki chudai""latest hindi chudai story""sax story""stories hot indian""all chudai story""indisn sex stories""indian sex in office""classmate ko choda""sex stoey""chut story""latest sex stories""sexi sotri""first time sex story""new sex stories""sexy story hindi""hind sex""sexy in hindi""sex story in hindi with pics""हिन्दी सेक्स कहानीया""hot sex stories""hindi saxy story com""mastram sex""hindi sex stories with pics""hindi sexy khanya""sexy bhabhi ki chudai""sex story in hindi"sexstory"group sex stories in hindi""hot hindi kahani""sex storeis""hot stories hindi""sex kahani bhai bahan""hindi sex s"sexstory"hindi sexy kahniya""hot indian story in hindi""sexy kahania hindi""hot sax story""devar bhabhi ki sexy story""sexy storis in hindi""gand ki chudai""jija sali sex story""meri chut me land""boy and girl sex story""sexy stoery""www sexy khani com""indian sex stoeies""dirty sex stories"gropsex"hot gay sex stories""sex stories hindi""first time sex story in hindi""hindi sexy khanya""sex with sister stories""hot sex story""chudai ka maja"