कज़िन को चोदकर बहनचोद बना

(Cousin ko chodkar bahanchod bana)

हेल्लो दोस्तों.. मेरा नाम राहुल है और में औरंगाबाद महाराष्ट्र से हूँ और मेरी यह पहली कहानी है. में आशा करता हूँ कि यह आपको जरुर पसंद आयेगी और यह कहानी थोड़ी सी लंबी है.. क्योंकि में अपना दिनभर का अनुभव दो लाईन में तो नहीं बता सकता. मेरी हाईट 5 फीट 10 इंच है और मेरा लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.

मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और में हूँ और कहानी की नायिका ऋतु मेरी कज़िन है. जैसा कि में कह रहा था कि ऋतु जो मेरी कज़िन है.. दिखने में वो बहुत सेक्सी लड़की है. उसका फिगर कुछ 32-29-32 है और हाईट 5 फीट 7 इंच है.. वो मेरी कज़िन यानी मेरे चाचा की लड़की है.. वैसे मेरे चाचा के 2 लड़कियाँ और 1 बेटा है. बचपन से ही ऋतु और मेरी बहुत बनती थी और घर का इकलोता लड़का होने के कारण चाची हर साल छुट्टियों में ऋतु को हमारे घर मुझे कंपनी देने भेज देते थे और इस साल भी कुछ ऐसा ही हुआ.

ऋतु गावं में रहने के कारण बस 10वीं तक ही पढ़ी थी और फिर उसके घरवालों ने उसकी पढ़ाई रुकवा दी.. क्योंकि गावं का माहोल काफ़ी खराब था और इसलिये ऋतु को वो हमेशा घर में ही रखते थे.. इसलिये वो शायद इतनी गोरी थी.

ऋतु और मेरी खूब जमती थी और हम बेस्ट फ्रेंड्स थे और ना उसके कोई बॉयफ्रेंड था और ना मेरे कोई गर्लफ्रेंड थी और हर साल की तरह जब वो मेरे घर आई.. तो में खुश हो गया.. क्योंकि मुझे अकेलापन बिल्कुल पसंद नहीं था.. पर इस साल ऋतु पर कुछ ख़ास नज़र पड़ रही थी. उसके बूब्स और गांड हद से ज़्यादा बड़े लग रहे थे और उसकी अदायें भी कामुक थी और यह बाते मेरे दिमाग़ में चुम्बक जैसे चिपक गई थी और मेरे दिमाग पर उसे चोदने का भूत सवार होने लगा..

वो मम्मी के कामों में अक्सर मदद किया करती और में उसे देखा करता. जब वो कपड़े धोती.. तो उसका सलवार और आधा बदन गीला हो जाता और उसकी गांड की दरार साफ दिखती और जब वो झाडू लगाती और बर्तन धोती.. तो मुझे उसके बूब्स के दर्शन हो जाते और में ये सब देखकर मूठ मार लिया करता था.

हम दोनों एक ही रूम में सोते थे और सोने से पहले देर रात तक बातें करते और बताते कि मुझसे क्या हुआ? किसने क्या किया और हम कभी किसी से बातें नहीं छुपाते.. जैसे अक्सर भाई बहन में लिमिट होती है.. हमारे बीच वो बहुत कम थी. एक दिन जब में सोकर उठा.. तो मैंने देखा कि पापा और मम्मी कही जाने की तैयारी कर रहे है और यही जानने के लिए जब में मम्मी के पास गया.. तो मम्मी ऋतु को बता रही थी कि खाना गर्म ही खाना और दोनों बाहर भी नहीं जाना और जाओ और लॉक को दो बार चेक करना.

तभी मैंने मम्मी को बीच में टोकते हुये पूछा कि बात क्या है पैकिंग क्यों की जा रही है.. तो मम्मी ने कहा कि हमारे दूर के चाचा जी की डेथ हो गई है. मुझे कोई प्रोब्लम ना हो इसलिये मम्मी ने मुझे और ऋतु को घर पर ही रहने को कहा और ऋतु को कुछ पैसे दे दिये. फिर दोपहर को में उन्हे रेलवे स्टेशन पर ड्रॉप कर वापस घर आया. फिर मैंने जब डोर बेल बजाई.. तो ऋतु ने दरवाज़ा खोला और उसकी आँखों में एक चमक नज़र आ रही थी और फिर ऋतु ने खाना लगाया और हमने खा लिया.

फिर ऋतु उसकी साईड से ही मेरे बर्तन उठाने लगी और उसकी कमीज़ से उसके बूब्स नज़र आने लगे. मेरी पूरी नज़र वही थी और ऐसा लग रहा था कि सब कुछ स्लो मोशन में हो रहा है. फिर वो बर्तन किचन में रखकर धोने लगी और में उसी को देख रहा था और बर्तन धोते हुये उसकी कमीज़ ऊपर से गीली हो गई और में नज़ारा देखने के लिये चला गया.

पानी पीने के बहाने में पानी पीते समय उसके बूब्स को देख रहा था. उसकी कमीज़ पूरी तरह से बूब्स से चिपक गई थी और में उसे देख ही रहा था कि उसकी नज़र मुझ पर पड़ी और मैंने नज़र हटाई और पतली गली से निकलने की सोची. फिर में जा ही रहा था कि उसने मुझे रोकते हुये पूछा. (गुस्से में नहीं नॉर्मली और नॉटी स्टाईल से)

ऋतु : तुम दिनभर मुझे क्यों घूरते रहते हो? (मेरी तो आधी फट गई थी)

में : नहीं तो मेडम.. कब घूरता हूँ? ऐसा तो कुछ नहीं है.

ऋतु : अच्छा जब में बर्तन धोती हूँ.. कपड़े धोती हूँ और बाकि काम करती हूँ. फिर मैंने सोचा कि झूठ बोलूँगा.. तो और फंस जाऊंगा और मैंने सामने रखे बर्तनो को देखकर कहा.

में : में तो बस सोच में डूब जाता हूँ कि तुम सारा काम इतनी अच्छे से कैसे कर लेती हो.. अगर मैंने ट्राई किया.. तो नज़ारा कुछ और ही रहेगा.

ऋतु : ओह.. तो तुम्हे मेरा काम इतना अच्छा लगता है. (और फिर उसने मेरा हाथ पकड़ लिया)

में : और नहीं तो क्या? तुम्हारे बर्तन कितने अच्छे से चमकते रहते है.

ऋतु : ओह रियली.. कौनसे ऊपर वाले या नीचे वाले?

में : मुझे सारे पसंद है.. पर काम ऊपर से नीचे हो तो अच्छा लगता है ना.

यह कहानी आप uralstroygroup.ru में पढ़ रहें हैं।

ऋतु : बाप रे तुमसे इन बातों में कोई नहीं जीत सकता.. राहुल मेरा एक काम करोगे?

में : हाँ बोलो मेडम जी.

ऋतु : पीछे से मेरी ब्रा का हुक ठीक कर दो ना.. पता नहीं क्यों 5-10 मिनट से चुभ रहा है और फिर मैंने उसकी कमीज़ उठाई.. तो वो उसके शरीर से बिल्कुल चिपक रही थी.. इसलिये मैंने उसे पूरा उतारना चाहा. फिर मैंने सोचा कि वो विरोध करेगी.. पर उसने खुद अपने हाथ ऊपर करके मुझे कमीज़ निकालने में हेल्प की.. और अब वो मेरी तरफ पीठ करके सिर्फ़ ब्रा में थी.

उउउफ़फ्फ़ क्या बदन था उसका और बिना कमीज़ के उसकी उभरी हुई गांड भी कमाल की लग रही थी.. आपको क्या बताऊँ? उसकी दूध के रंग की पीठ को देखकर में किसी और दुनिया में पहुँच गया. फिर तभी वो बोली कि क्या हुआ? जल्दी करो. फिर मैंने उसका हुक ठीक करने के बजाये पूरा हुक खोल दिया और अब उसकी ब्रा उसके हाथ में थी और में धीरे धीरे उसकी पीठ को एक उंगली से सहलाने लगा और अब वो भी बड़ी अजीब आवाजें हम्मम्म अहह निकाल रही थी और मुँह इधर उधर कर रही थी.

फिर मैंने उसे अपनी तरफ मोड़ा और वो मुझसे चिपक गई.. मतलब गले लग गई. उसके नंगे बूब्स जब मेरी छाती से टच हुये.. तो मेरे अंदर सनसनी होने लगी और मेरा लंड लोहे की राड़ की तरह खड़ा हो गया और उसकी चूत पर मेरा लंड रगड़ने लगा. फिर हमने एक किस किया और में उस समय एक अलग ही दुनिया में था.

15-20 मिनट तक मेरे लिये तो समय रुक ही गया था और में जन्नत में पहुँच चुका था. हमने अपना थूक एक्सचेंज किया और हम एक दूसरे की जीभ चूस रहे थे.. क्या बताऊँ यारों? में तो जन्नत में था और वो मेरी अप्सरा थी. फिर मुझे थोड़ा होश आया और में किस करते करते उसके बूब्स दबाने लगा और फिर उसे वही पर लेटा दिया और उसकी सलवार और पेंटी उतारकर अपने भी कपड़े उतार दिये.

फिर मैंने सोचा कि लेटकर उसकी चूचीयां दबाऊँ.. लेकिन मेरे लेटने से पहले ही उसने मेरा लंड जो कि पूरा 7 इंच का हो गया था और उसको पकड़कर आगे पीछे करने लगी और सारा मज़ा अकेले ही लूटेगा क्या? ऐसा बोलकर मेरा लंड चूसने लगी. वो तो जानवर जैसे मेरे लंड को चूस रही थी. में तो सातवें आसमान पर था और फिर 5 मिनट तक लंड चूसने के बाद वो मेरे अंडो को चूसने लगी और फिर बोली कि आज तो तोड़ दे मेरी सील और बन जा बहनचोद और फाड़ डाल मेरी चूत. वो भी पूरे जोश में थी और फिर में उसके ऊपर लेटा. (ये सब किचन में ही हुआ) फिर उसके एक बूब्स को आम जैसे चूसने लगा.. साथ ही साथ एक हाथ से दूसरा बूब्स मसलने लगा और दूसरे हाथ की उंगली को चूत में डालकर रगड़ने लगा.. वो पूरी उछल रही थी और चिल्लाने लगी.. हमम्म आहह उउउहह ससस्स और बोली और ना तड़पा मार दे मेरी चूत और अगर अब नहीं डाला.. तो में तड़पते तड़पते मर जाउंगी.

फिर मैंने अपना मुँह उसकी गुलाबी चूत के पास किया.. वहां पर एक भी बाल नहीं था और हल्का हल्का पानी निकल रहा था और उसकी खूशबु मेरी नाक में जा रही थी. फिर मैंने हल्की सी जीभ उसकी चूत पर लगाई.. क्या गर्म चूत थी और फिर में उसे चाटने लगा और वो आअहह उम्म्म ह्म्म्मम्म जैसी आवाजें निकालने लगी. फिर मैंने अपने हाथ के बीच की उंगली उसकी चूत में डाली.. वो बहुत टाईट थी. उसकी सील भी टूटी हुई नहीं थी.. वो वर्जिन थी और में भी अब मैंने अपनी उंगली पूरी तरह से उसकी चूत में डाल दी और आगे पीछे करने लगा और वो सिसकियां भरती रही.

फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के दरवाज़े पर रखा और डालने की कोशिश की और वो आधे से थोड़ा कम चूत में चला गया.. तभी वो ज़ोर से चिल्लाई आआहाआ और उसकी आँखों से आँसू आने लगे और वो छटपटाने लगी.. लेकिन मैंने ध्यान नहीं देते हुये पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया. मुझे भी थोड़ा दर्द महसूस हुआ.. क्योंकि उसकी चूत काफ़ी टाईट थी और इस बार वो फिर चिल्लाने लगी.

फिर मैंने उसे किस करने की सोची और दोनों तरफ काम जारी रखा और दो तीन झटके और दे दिये और होंठ हटाकर उसके बूब्स चूसने लगा.. वो आह आ आ हम्म्म्म करने लगी. फिर 5 सेकंड के ब्रेक के बाद फिर मैंने जब उसकी चूत में लंड डाला और स्पीड बढ़ा कर चोदने लगा.. तो में 5 मिनट तक रुका ही नहीं और अब वो भी गर्म हो गई थी और गांड उछाल उछाल कर चुदवा रही थी और आआहह सस्स्सस्स उम्म आअहह करके सिसकियां ले रही थी. इससे मेरा कॉन्फिडेन्स और बढ़ रहा था और अब उसकी गुलाबी रंग की चूत लाल रंग की चूत हो चुकी थी. फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और लंड चूत में डाल दिया.. इस बार लंड जल्दी अंदर चला गया.. क्योंकि वो चुदाई के दौरान दो तीन बार झड़ चुकी थी और में अब तक इसलिये नहीं झड़ा.. क्योंकि मैंने सुबह ही मम्मी और उसके नाम की मूठ मारी थी.

फिर अब मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदने के बाद उसे खड़ा करके डाइनिंग टेबल पर बिठाकर उसकी एक टाँग ऊपर अपने कंधे पर रख दी और उसे किस करते करते चोदा और फिर 5 मिनट बाद में भी झड़ गया. फिर चोदते चोदते पता ही नहीं चला कि कब दोपहर से शाम हो गई और फिर हम वही किचन में एक दूसरे की बाहों में लेट गये और फिर हम 7 बजे उठे. तब ऋतु और मैंने खाने की तैयारी की.. क्योंकि पूरे हफ्ते भर के लिए भी तो एनर्जी चाहिये थी. उसने खाना बनाया और हमने एक ही थाली में खाना खाया और पानी की जगह दूध पिया वो भी एक ही ग्लास में.. क्योंकि मुझे पता था कि उससे ताकत मिलती है. फिर रात को मैंने उसकी बहुत जमकर चुदाई की.



"indiam sex stories""sex story sexy"indiansexstorie"chachi sex story""mausi ki chudai""bhabi sexy story""sexy gay story in hindi""hindi sex stories with pics"sexstoryinhindi"hundi sexy story"mastram.net"gay sexy kahani""chachi bhatije ki chudai ki kahani""sexy stroies""nangi choot""oriya sex stories""hot saxy story""sali ki chudai""sxe kahani""hindisex katha""mami sex story""aex story""hindi sexy story hindi sexy story""cudai ki kahani""hindi sexstories""सेक्स स्टोरीज""hindi sexy story in""stories hot""hot sax story""real life sex stories in hindi""antarvasna mobile""sex chat in hindi""desi porn story""sexy storis in hindi""group chudai ki kahani""mast sex kahani""uncle ne choda""हिंदी सेक्स कहानियाँ""randi sex story""train me chudai ki kahani""hindi sexy stories in hindi""biwi ki chudai""hindi sexy strory""hindi sexy khani""bhai bahan sex""incest stories in hindi""chachi ki chudai""neha ki chudai""desi sex story"sexstories.com"sexy khani""randi ki chudai""hindi sex storis""sex story sexy""dewar bhabhi sex story""chudai kahaniya hindi mai""sex khani bhai bhan""hot hindi sex stories""भाभी की चुदाई""honeymoon sex stories""ma beta sex story hindi""bhabi ki chut""chudai ki katha""group sex stories in hindi""hot doctor sex""kamukta new""सेक्सी हॉट स्टोरी""sex kahani photo""ma ki chudai""free hindi sexy kahaniya""hindi sax stori com""meri bahen ki chudai""सेक्स कथा""सेक्स स्टोरीज िन हिंदी""indian sex stories.""true sex story in hindi""neha ki chudai""sax khani hindi""chut kahani""sexy stories in hindi"pornstory"first time sex story""hindi sexey stori""beti ki choot"