चाची की प्यास बुझाई

(Chachi Ki Pyas Bujhai)

मेरा नाम सुरेश है और मैं नोएडा में अपने परिवार समेत रहता हूँ। मेरे एक ही चाचा हैं और वो हमसे अलग घर में रहते हैं। उनकी शादी को लगभग पंद्रह साल हो चुके हैं और दो बच्चे भी हैं। पहले हमारी और चाचा जी की कोई खास बातचीत नहीं होती थी क्योंकि मेरे चाचा की काफ़ी उँची पोस्ट थी। वे हमारे मुक़ाबले में काफ़ी अमीर थे, इसी वजह से चाचा और चाची काफ़ी घमंडी थे और हमसे बात करना पसंद नहीं करते थे।

लेकिन एक दिन ऐसा आया कि उन्हें हमारे सहारे की ज़रूरत हुई।

हुआ यूँ कि मेरे चाचा जी का ऐक्सिडेंट हो गया जिससे उन्हें काफ़ी गंभीर चोट आई। वो दो महीने तक ‘आई. सी. यू.’ में रहे। उनके बचने की संभावना बहुत कम थी। किसी तरह से उनकी जान तो बच गयी लेकिन उनकी रीढ़ की हड्डी टूटने से वो चल फिर नहीं पा रहे थे और उनको दिमागी चोट भी लगी थी, जिनसे उनके सोचने समझने की शक्ति कम हो गयी थी। उनको ठीक होने के लिए काफ़ी वक्त चाहिए था।

खैर मुश्किल की घड़ी में अपने ही काम आते हैं, इसी वजह से मेरा चाचा जी के घर में काफ़ी आना-जाना हो गया। मैं उनकी सच्चे मन से सेवा करता और चाची को भी घर के कामो में मदद करता।

मेरी चाची दिखने में काफ़ी सुंदर हैं और उनके स्तन काफ़ी बड़े है। वो घर में हमेशा सलवार सूट पहनती हैं। उनके बड़े बड़े स्तन उनके सूट में नहीं समाते और हमेशा बाहर झाँकते रहते थे जिससे मेरी निगाहें उनपे जम जाती। हालाँकि मुझे ये सब ग़लत भी लगता था लेकिन क्या करूँ, कंट्रोल ही नहीं होता था। कभी कभी चाची भी मुझे अपने स्तनॉ में झाँकते हुए देख लेती थी लेकिन फिर भी वो उनको छुपाने की कोशिश नहीं करती थी, जिससे मुझे लगता कि शायद वो भी मुझे अपने स्तन दिखाना चाहती हैं लेकिन फिर मैं सोचता कि ये मेरा भ्रम ही होगा और मैं नज़रे घुमा लेता।

मेरा चाचा की हालत में सुधार हो रहा था लेकिन चाची फिर भी दुखी रहती थी। मैं पूछता तो कुछ नहीं बताती थी।

एक दिन जब चाचाजी सो रहे थे और उनके दोनों बच्चे स्कूल गये थे तो चाचीजी इसी तरह से ऊपर छत पे उदास बैठी हुई थी। मैंने उनसे पूछा कि चाची अब तो चाचा की तबीयत भी सुधर रही है, आप फिर भी क्यों उदास रहती हो? आख़िर बात क्या है?

तो उन्होंने कुछ नहीं बताया लेकिन मेरे बार बार पूछने पे वो बोली- सुरेश बात यह है कि जब से तुम्हारे चाचा जी की तबीयत खराब हुई है मैं बहुत अकेलापन महसूस कर रही हूँ। एक औरत को एक मर्द के साथ की ज़रूरत होती है, जो मुझे नहीं मिल रहा है।

तो मैं बोला- चाची मेरे होते हुए आप फिक्र क्यों करती हैं, मैं हूँ ना आपके साथ।

चाची बोली- तूने हमारी बहुत मदद की है लेकिन मेरा समस्या तुम नहीं सुलझा सकते।

मैंने कहा- क्यों नहीं चाची मैं आपकी हर प्रकार से मदद करूँगा, आप बताएँ तो सही कि बात क्या है? अभी तक मैं समझा नहीं था कि चाची किस अकेलेपन की बात कर रही थी।

वो बोली- नहीं तुम मेरे बेटे जैसे हो और यह परेशानी तुम नहीं सुलझा सकते। मैं तुमसे ऐसी बात भी नहीं कर सकती।

अब तक मुझे कुछ अंदाज़ा हो गया था कि चाची किस और इशारा कर रही है, लेकिन यह बात मैं उन्हीं के मुँह से सुनना चाहता था। मैंने कहा- चाची आख़िर बताएँ तो बात क्या है?

कुछ सोचते हुए वो बोली- मैं शारीरिक रिश्ते की बात कर रही हूँ। देखो तुम मुझे ग़लत ना समझना, तुमने पूछा तो मैंने बता दिया। हर औरत को शारीरिक सम्बन्ध की ज़रूरत होती है और मुझे भी है मैं इसीलिए उदास रहती हूँ।

यह सुनकर मैं कुछ नहीं बोल सका।

लेकिन चाची जी शायद कुछ ज़्यादा ही अकेलापन महसूस कर रही थी। वो बोली- बोलो ! चुप क्यों हो गये? क्या तुम मेरी ये समस्या सुलझा सकते हो? मेरा अकेलापन दूर कर सकते हो?

मैंने कहा- चाचीजी ! मैं कर तो सकता हूँ लेकिन ये तो ग़लत होगा। हम इस तरह से चाचाजी को धोखा नहीं दे सकते !

इसीलिए तो मैं तुम्हें नहीं बता रही थी। पहले मैं रोज तुम्हारे चाचा के साथ सेक्स करती थी। अब इसी वजह से मेरा कहीं मन नहीं लगता। जी करता है कि आत्महत्या कर लूँ। देखो, अब तुम मेरी समस्या सुलझा सकते हो, वरना मैं मर ही जाऊँगी।

मैं भी एक जवान लड़का था। मेरा भी मन सेक्स के लिए करता था, इसीलिए मैंने कहा- नहीं चाची ! ऐसा मत कहो, मैं तुम्हारा साथ देने के लिए तैयार हूँ।

यह सुनकर वो बहुत खुश हुई और उठकर मुझे अपनी बाहों में भर लिया। उनका नर्म स्पर्श पाकर मेरा मन भी मचल उठा और मैंने उनके बड़े से स्तन को पकड़ लिया। क्या कमाल का अहसास था ! मैंने पहले बार किसी औरत के स्तन को पकड़ा था। उपर से नरम नरम और जोर से दबाओ तो सख़्त लगता था। सच में बहुत मज़ा आ रहा था।

फिर मैंने चाची को अपनी गोद में उठा लिया और उन्हें अंदर कमरे में ले गया। वहाँ वो बुरी तरह से मेरे होंठो पे टूट पड़ी और उन्हें चूसने व काटने लगी। मैं भी उनका साथ देने लगा। फिर उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी और मैं उसे चूसने लगा। क्या गरम गरम अहसास हो रहा था ! हम इसी तरह करीब पाँच मिनट तक किस करते रहे। फिर मैंने उनके कपड़े उतारने शरू किए।

उस दिन भी वो सलवार-सूट में थी। मैंने पहले कमीज़ फ़िर सलवार भी उतार दी और पीछे हट कर उनके बदन को देखने लगा। वो ब्रा और पेंटी में कमाल लग रही थी। मैं ये देखकर हैरान था कि दो बच्चों की मां होने के बावजूद उन्होंने खुद को बहुत फिट रखा था। बड़ी चुचियाँ और पतली कमर, उनका फिगर शानदार था। मैं उन्हें देखता ही रह गया।

तभी वो आगे बढ़ी और मेरे पैंट और शर्ट उतार दिए। इसके बाद मैंने उनकी ब्रा उतारी तो बड़ी बड़ी चुचियाँ उछल कर बाहर आ गईं। क्या चुचियाँ थी ! बिल्कुल दूध जैसी सफेद और बीच में साँवले रंग का निप्पल बहुत जँच रहा था। मै तो पागल हो गया था और उनके निपल और चुचियों को चूसने व काटने लगा। एक बार तो मैंने बहुत ज़ोर से काट लिया तो वो चिल्ला उठी, बोली- बदमाश क्या कर रहे हो? इन्हें खा ही जाओगे क्या?

मैंने कहा- मन तो बहुत कर रहा है चाची खाने का !

तो वो बोली- फिलहाल तुम मुझे चाची मत कहो, बड़ा अजीब सा लगता है।

मैंने कहा- ठीक है पूनम डार्लिंग ! और उनकी पेँटी भी उतार दी। घनी झांटो के बीच उनकी फूली हुई चूत अब मेरे सामने थी। वह देखने में ही काफ़ी गरम लग रही थी। जब मैंने उसे छुआ तो सचमुच में काफ़ी गरम थी। मैं उनकी चूत पे हाथ फेरने लगा। झांटों की वजह से वह जगह काफ़ी मखमली और मुलायम लग रही थी।

अब चाची घुटनों के बल बैठ गई और मेरा अंडरवीअर उतार दिया। अंडरवीअर उतरते ही मेरा खड़ा हुआ लंड चाची के गाल से जा लगा। वो मेरे लंड को देखकर बहुत खुश हुई और बोली- वाह !!!! कितना प्यारा है, तुम्हारा लंड तो बिल्कुल तुम्हारे चाचा जैसा ही है। इतना कहकर उन्होंने मेरे लंड को अपने मुँह में भर लिया।

मैं यह देखकर काफ़ी हैरान रह गया। मुझे अंदाज़ा नहीं था कि मेरी चाची इतनी वाइल्ड नेचर की होगी। अब तक मैंने लण्ड को चूसते हुए सिर्फ़ ब्लू फ़िल्मो में ही देखा था। पहली बार यह मेरा अपना अनुभव था।

चाची के मुंह का गरम स्पर्श बहुत आनंद दे रहा था। कभी वो मेरे लंड को जीभ से चाटने लगती तो कभी अपने मुंह के अंदर लेकर चूसने लगती। उस वक्त जो मज़ा मुझे आ रहा था वो मैं बता नहीं सकता। थोड़ी ही देर बाद मुझे अपने लंड पे दबाव सा महसूस होने लगा मैं समझ गया कि मैं झड़ने वाला हूँ, मैंने चाची को कहा- पूनम जान ! मैं झड़ने वाला हूँ।

लेकिन वो मेरी बात को अनसुनी करके लंड को चूसती रही। मैं भी नहीं चाहता था कि वो लंड को बाहर निकाले।

फिर मेरा शरीर काँपने लगा और मेरे वीर्य का फव्वारा चाची के मुँह में ही छुट गया, मेरे वीर्य से उनका मुँह भर गया और कुछ वीर्य उनकी चुचियों पे भी गिर गया इसकी वजह से वो और भी हसीन लग रही थी।

मैं पहले भी हस्तमैथुन करता था लेकिन जो मज़ा आज चाची के मुखमैथुन से आया, ऐसा मज़ा कभी महसूस नहीं किया।

यह कहानी आप uralstroygroup.ru में पढ़ रहें हैं।

तभी चाची मेरे और देख कर बोली- क्यों मज़ा आया?

मैंने कहा- जान ! तुम्हारी कसम ! ऐसा मज़ा मुझे जिंदगी में कभी नहीं आया।

फिर वो बोली- तो मुझे भी ऐसा ही मज़ा दो ना ! और ये कहकर वो अपनी टांगें फैलाकर बेड पे लेट गई। मैं समझ गया कि वो मुझसे अपनी चूत चटवाना चाहती हैं।

एक बार झड़ने के बावजूद भी मेरा जोश कम नहीं हुआ था क्योंकि चाची जो मेरे सामने नंगी लेटी हुई थी।

मैं तुंरत चाची की टांगों के बीच में बैठकर उनकी चूत चाटने लगा। मैं पहली बार किसी औरत की चूत चाट रहा था, लेकिन फिर भी बहुत अच्छी तरह से चाट रहा था क्योंकि ब्लू फिल्म देखने का मेरा अनुभव मेरे काम आ रहा था। मैंने अपनी पूरी जीभ चाची की चूत के अंदर डाल दी और उसे अंदर बाहर करने लगा। फिर मैंने एक उंगली भी उनकी चुत में पेल दी। जल्द ही वो अपना शरीर उठा उठा कर मेरे मुँह पे मारने लगी। मैंने अंदाज़ा लगा लिया कि वो झड़ रही हैं और अपनी जीभ की स्पीड और भी तेज कर दी।

वो चींखती हुई हाई ए हा अए करती हुई झड़ गयी।

कुछ देर तक हम शांत रहे। फिर मैंने कहा- जान आगे का काम शुरु करें?

‘क्यों नहीं।’ वो बोली।

अब मैं फिर से उनकी टाँगों के बीच में था। तभी वो बोली- देखो सुरेश काफ़ी समय से मेरी चूत के अंदर लंड नहीं गया है इसीलिए थोड़ा आराम आराम से ही डालना और जितना मैं कहूँ उतना ही डालना !

मैंने कहा- जान तुम चिंता ना करो, मैं बड़े प्यार से डालूँगा।

फिर मैंने उनकी चूत पे अपना लण्ड टिकाकर हल्के से दबाया तो उन्होंने अपनी आँखे बंद कर ली। मेरा लंड आसानी से उनकी चूत में जाने लगा। करीब दो इंच लंड अंदर डालकर मैंने उनसे पूछा- जान और डालूँ?

उन्होंने कहा- हाँ !
मैंने थोड़ा लंड और सरकाकर पूछा- और?
वो बोली- हाँ और !
और?
हाँ और !

इसी तरह करते करते मेरा पूरा लंड उनकी चुत में चला गया। फिर मैंने ऐसे ही मज़ाक में कहा- और?
वो बोली- थोड़ा और !
मैंने कहा- पूरा तो अंदर ले गई, अब और कहाँ से लाऊँ?

अरे वाह ! तुमने तो बड़े ही प्यार से डाला, बिल्कुल दर्द नहीं हुआ।

फिर मैंने अपना पूरा लंड झटके से बाहर निकाल कर एक ही झटके में अंदर डाल दिया। इस बार वो चिल्ला पड़ी- हाय मर गयी ! मैंने कहा था कि आराम से डालना !
मैं बोला- ठीक है। और धीरे धीरे लण्ड को अंदर बाहर करने लगा।

थोड़ी ही देर बाद वो नीचे से उछ्लने लगी तो मैंने भी अपनी स्पीड तेज कर दी अब उन्हें दर्द नहीं हो रहा था और वो मज़े में चिल्ला रही थी- आऽऽऽऽ आअऽऽऽ ईऽऽऽ ऐऽऽऽ ईऽऽऽऽऽ शीईऽऽऽऽ मजा आ रहा हाय और जोर से हाय ऽऽऽऽऽ क्या बात है ! हाय !!!!!!!!!
क्योंकि हम दोनों ही कुछ देर पहले झड़ चुके थे इसीलिए इस बार ज्यादा समय तो लगना ही था। मैं करीब दस मिनट तक उनकी चूत में लंड पेलता रहा। फिर वो बोली- अब तुम नीचे आ जाओ और मुझे ऊपर आने दो !
मैंने कहा- ठीक है।

अब वो मेरे लण्ड पे बैठकर कूद रही थी। जब वो कूदती तो साथ साथ उनकी चुचियाँ भी ऊपर नीचे उछल रही थी। वो सीन वाकई में लाजवाब था।
कुछ देर बाद मैंने फिर से उनको नीचे गिरा लिया।

अब वो पीठ के बल लेटी हुई थी और मैं उनकी कमर पे लेट कर उन्हे चोद रहा था।
मत पूछो यारो क्या मज़ा आ रहा था और चाची का तो मुझसे भी बुरा हाल था- वो लगातार चिल्ला रही थी- हाय आऽऽऽऽ ओऊ !!
आख़िरकार हमारी मंज़िल नज़दीक आने लगी थी। मुझे अपने लंड में गुदगुदी सी महसूस होने लगी थी और चाची भी चिल्लाने लगी थी- हाय मैं झड़ने वाली हूँ और ज़ोर से !!! और ज़ोर से!!! आऽऽऽऽऽऽ फ़ाड़ डालो मेरी चूत को हाय ऽऽऽऽऽ उई ऽऽऽऽ हाय मैं मर गई ! आआआ आऽऽऽऽऽऽ अआया !!

ऐसे ही चिल्लाते हुए वो झड़ गयी और कुछ ही देर में भी चिल्लाया- हाय जान, मैं भी आ रहा हूँ हाय !!!!!!
और मैंने उनकी चूत में अपने लंड का फव्वारा छोड़ दिया।

फिर हम दोनो शांत हो गये और लेट गये कुछ देर लेटने के बाद चाची ने एक कपड़े से मेरा लंड साफ़ किया और अपनी चूत की भी सफाई की।
हम दोनों फिर से एक दूसरे को किस करने लगे। फिर अपने अपने कपड़े पहन लिए और नीचे आ गये। अब मेरी चाची काफ़ी खुश लग रही थी।
उस दिन से आज तक हम यूँ ही मज़े ले रहे है, अब मेरी चाची काफ़ी खुश और संतुष्ट लगती है।



"mastram ki sexy story""hot hindi sex stories""bahan ki chut""sexy storirs""chudai ki story""chachi ki chudae""mama ki ladki ki chudai""sex chat story""chudai story hindi""hindi saxy story com""sex stories incest""bhabi hot sex""choti bahan ki chudai""nude sex story""phone sex story in hindi""kamukta sex stories""brother sister sex story""bus sex stories""sasur se chudwaya""deepika padukone sex stories""hindi sexy srory""original sex story in hindi""chut ki kahani""mastram sex""pehli baar chudai""sexs storys""sexy story in hindi new""saxy kahni""chikni chut""chudai ki kahani""desi sex hindi""सेक्सी स्टोरी""sex kahani photo ke sath""hot khaniya""indian sex stories hindi""bhabhi ki gaand""wife swapping sex stories""baap beti ki chudai""maa beta sex""hindi kahaniyan""kahani chudai ki""porn hindi story""nangi choot""bhabhi ki jawani story""baap beti sex stories""maa ki chudai ki kahani""chodne ki kahani with photo""jija sali sex story""chudai ki kahani""sex kathakal""sixy kahani""sex kahaniya""dost ki didi""sexx stories""hindi chudai story""hindi new sex store""sexy kahania""hot story in hindi with photo""maa beta sex stories""hindi sex.story""chut ki rani""sex storys in hindi""bhen ki chodai""hindi sexy khani""hindi sexy store com""devar bhabhi ki sexy story""new hot sexy story""jija sali sex story in hindi""xossip story""six story in hindi""hot sex hindi""www.sex story.com""sexy kahania hindi""baba sex story""hot sexi story in hindi""hot doctor sex"sexstories"real sexy story in hindi""burchodi kahani""bua ki beti ki chudai""www hindi sexi story com"sexstories"cudai ki kahani""maa beta chudai"