मस्तराम जवानी चुत चुदाई

(Mastram Jawani Ki Chut Chudai)

दोस्तो मेरा नाम है यश … और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 28 वर्ष है, हाइट 5 फीट 6 इंच है. मेरे लंड का साइज 7 इंच है. सभी जवान लड़कियों भाभियों और आंटियों को मेरे खड़े लंड की तरफ से प्रणाम. मैं uralstroygroup.ru का रेगुलर पाठक हूं. कहानियां पढ़ते-पढ़ते आज मेरा भी दिल किया कि मैं भी आपको अपनी एक सच्ची घटना बताऊं.

यह बात उन दिनों की है, जब मैं उन्नीस साल का था 12वीं में पढ़ता था. हमारे पड़ोस में एक लड़की रहती थी, जिसका नाम सरिता था. वह मुझसे लगभग छह महीने ही छोटी थी, बहुत ही सुंदर बहुत ही गोरी थी. उसका डील-डौल तो इस तरह का था कि किसी सर्वश्रेष्ठ कारीगर ने पूरी फुर्सत के साथ उसको तराशा हो! हालांकि वह बहुत मोटी नहीं थी, लेकिन जिस्म फिर भी उसका बिल्कुल भरा हुआ था. गर्मियों की छुट्टियां चल रही थीं और ज्यादातर घर की औरतें दोपहर में लंच करने के बाद सो जाती थीं.

मेरे घर में मैं, मेरी मम्मी और मेरे पापा हैं. पापा सर्विस करते हैं तो वह मॉर्निंग में जाते थे और शाम को ही लौटते थे. मम्मी मम्मी दोपहर में ऊपर वाले कमरे में सिलाई का काम करती थीं.

दोपहर में सरिता हमारे घर पर सोने के लिए टीवी देखने के लिए या खेलने के लिए रोज आती थी क्योंकि उसके पापा की आय बहुत कम थी और उनके घर में पंखा और टीवी नहीं था. हमारे घर में ए सी फ्रीज टीवी कूलर सब कुछ था.

एक दिन दोपहर में मैं और सरिता कैरम बोर्ड खेल रहे थे, शायद उसे पता नहीं होगा या उसने ध्यान नहीं दिया होगा क्योंकि वो बड़ी मस्तराम लड़की थी… उसकी पजामी बिल्कुल चूत के सामने से थोड़ी सी उधड़ी हुई थी. मेरी नजर एक बार उसी पजामी के उधड़े हुए हिस्से पर गई. अब तो मैं थोड़ी थोड़ी देर में नजरें चुराकर उसकी चूत को देखने का आनन्द ले रहा था. उसने अन्दर पेंटी नहीं पहनी हुई थी. धीरे धीरे मेरा लंड भी एकदम टाइट हो गया. कभी-कभी मैं उससे नज़रें छुपाकर अपने लंड पर हाथ फेर लिया करता था. मुझे बहुत मस्त आनन्द आ रहा था.

करीब एक डेढ़ घंटा खेलने के बाद सरिता ने कहा- यश अब थोड़ी देर सो जाते हैं.
मैंने कहा- ठीक है … तुम सो जाओ, मैं तो अभी थोड़ी देर टीवी देखूंगा. आप इस कहानी को uralstroygroup.ru में पढ़ रहे हैं।

वह पलंग पर एक साइड सो गई और मैं टीवी देखने लगा. करीब एक घंटे बाद मैंने देखा कि सरिता पूरी तरह से सो चुकी है तो मैंने धीरे से उसकी दोनों टांगें खोलीं और डरते-डरते मैंने उसकी पजामी के फटे हुए हिस्से में अपनी उंगली डाल कर कांपते हुए हाथों से उसकी चूत को धीरे से सहलाया. इतनी सॉफ्ट इतनी मुलायम चूत थी कि मेरा पप्पू पेंट में उछाल मारने लगा. मैंने धीरे से अपना लंड ज़िप खोलकर पेंट से बाहर निकाला. वह एकदम टाइट था. मैं धीरे-धीरे अपने लंड को सहलाने लगा. मैंने इससे पहले कई बार हस्तमैथुन किया हुआ था … लेकिन आज तक कभी चूत नहीं मारी थी.

मैं उसकी टांगें खोल कर उसकी पजामी के फटे हुए हिस्से में अपना लंड डालने की कोशिश करने लगा … लेकिन वह जा नहीं पा रहा था, तो मैंने उसकी सलवार को थोड़ा और उधेड़ दिया और उसके बाद मैंने अपना लंड सलवार के अन्दर डाला.

यह पहली बार था जब मेरा लंड किसी चूत से टच हुआ था. मेरे शरीर में सिहरन सी दौड़ गई. मैं धीरे-धीरे अपने लंड को आगे पीछे करने लगा. मुझे आनन्द आ रहा था, लेकिन मैं डर रहा था कि कहीं सरिता जाग ना जाए. हालांकि मैंने अपना लंड उसकी चूत में नहीं घुसा रखा था, सिर्फ ऊपर ऊपर से ही मजे लेने की कोशिश कर रहा था.

लेकिन एक दो बार आनन्द के चलते धक्के तेज लग गए वह थोड़ा सा इंऊं … करती हुई अंगड़ाई लेती हुई फिर से सो गई. मैं एकदम से डर गया. मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और टॉयलेट में जाकर हस्तमैथुन करके लंड का पानी निकाल दिया. फिर बेड पर उसके बगल में आकर लेट गया.

अब मुझे नींद तो आ नहीं रही थी, मैं आंखें बंद करके सोने का नाटक करने लगा. मैंने सोने का नाटक करते हुए उसकी छाती पर हाथ रख दिया और सूट के ऊपर से ही मैं उसके दूध को कभी धीरे से मसलता, कभी थोड़ा सा दबा देता.

मैं ऐसे ही खेलता रहा और पता नहीं कब मेरी आंख लग गई. हम करीब 5:00 बजे उठे तो सरिता ने कहा- अच्छा, अब मैं अपने घर जा रही हूं.
मैंने कहा- ठीक है.
तो वह एक मीठी सी स्माइल देती हुई अपने घर चली गई.

फिर मैं ऊपर वाले कमरे में गया और मैंने मम्मी से कहा- मम्मी मेरे लिए चाय बना दो, मुझे चाय पीनी है. इसके बाद मैं खेलने जाऊंगा.
मम्मी ने कहा- ठीक है तुम नीचे जाकर हाथ मुँह धो लो … मैं तुम्हारे लिए चाय बनाती हूं.

मम्मी ने चाय बना कर दी. मैंने चाय पी और पार्क में अपने दोस्तों के साथ खेलने लगा.

शाम को थोड़ी देर टीवी देखा फिर रात का डिनर करने के बाद मैं अपने रूम में सोने चला गया. मेरी आदत है कि मैं गर्मियों में अपने रूम में बिल्कुल नंगा होकर सोता हूं क्योंकि मेरे रूम में अटैच्ड बाथरूम भी है तो मुझे किसी भी काम के लिए सुबह तक बाहर नहीं जाना होता.

आज मैं सोने की कोशिश कर रहा था और मुझे सरिता की याद आ रही थी. फिर मैंने एक प्लान बनाया और सोने की कोशिश करने लगा था कि मैं कल सुबह जल्दी उठ कर दोपहर को अपने प्लान पर काम कर सकूं.
उस रात को नींद आने के बाद मैंने सरिता को सपने में चोदा.

सुबह उठा तो मम्मी ने बोला- बेटा, रात का दूध फट गया है … तुम मदर डेयरी जाकर दूध ले आओ … तो मैं चाय बनाऊं.
मैं दूध का बर्तन लेकर मदर डेयरी चला गया. मैंने मदर डेयरी पर टोकन खरीदा और लाइन में लग गया, लेकिन मैंने देखा कि मेरे आगे सरिता भी दूध की लाइन में लगी हुई थी. मैंने उसे हाय कहा, उसने भी मुझे हाय कहा.

मैंने उससे पूछा- आज दोपहर में कब आओगी?
उसने कहा- मैं 1:00 बजे आऊंगी.
मैंने कहा- ठीक है.

मैं दूध लेकर घर आ गया, मम्मी ने चाय बनाई नाश्ता तैयार कर दिया. मैंने और पापा ने नाश्ता किया. पापा अपने ऑफिस चले गए … मैं भी अपने दोस्त के घर जाने के लिए तैयार हुआ.

मम्मी ने पूछा- कहां के लिए तैयार हो रहे हो?
तो मैंने बताया कि मैं सोनू के घर जा रहा हूं … मुझे कुछ काम है.
मम्मी ने कहा- बेटा 11:00-11:30 बजे तक जरूर घर आ जाना क्योंकि नयना आंटी के घर पर कीर्तन है और मैं 12:00 बजे कीर्तन में जाऊंगी. उधर से मुझे आते हुए शाम हो जाएगी, मैं तुम्हारे लिए लंच बनाकर रख दूंगी. तुम अपना दोपहर में लंच कर लेना और और घर की देखभाल करना. मैं शाम को 6:00 बजे तक वापस आऊंगी.
मैंने ये सब जाना तो खुश होते हुए कहा- ठीक है … मैं 11:00 बजे तक घर आ जाऊंगा.

मैं सोनू के घर पर अपना काम निपटा कर 11:00 बजे घर पर वापस आ गया. मम्मी तैयार हो रही थीं. नयना आंटी हमसे पीछे वाली गली में रहती हैं.

ठीक 12:00 बजे मम्मी नयना आंटी के घर चली गईं. मैंने अलमारी में से अपना पजामा निकाला और उसको बीच में से थोड़ा उधेड़ दिया ताकि मेरा पप्पू वहां से निकल सके. मैंने अपना अंडरवियर उतारा और पजामा पहन लिया. अब मैं सरिता की प्रतीक्षा कर रहा था.

ठीक 1:00 बजे दरवाजे की घंटी बजी, मैंने दरवाजा खोला तो देखा सामने सरिता खड़ी है. वो बड़ी मस्तराम लग रही थी, उसने ब्लैक टॉप और ब्लू जींस पहनी हुई थी जो कि उसके शरीर पर एकदम टाइट थी. वह अन्दर आ गई.
मैंने उससे पूछा- तुमने लंच कर लिया है?
तो उसने कहा- नहीं … मम्मी ने टिंडे की सब्जी बनाई है और मुझे टिंडे की सब्जी पसंद नहीं है.
मैंने उससे कहा- मेरी मम्मी ने राजमा चावल बनाए हैं … चलो हम दोनों पहले लंच कर लेते हैं … फिर कैरम खेलेंगे.
उसने कहा- ठीक है.

यह कहानी आप uralstroygroup.ru में पढ़ रहें हैं।

हम दोनों डाइनिंग टेबल पर बैठकर राजमा चावल खाने लगे. लंच करने के बाद मैंने सरिता से कहा- चलो कैरम बोर्ड खेलते हैं.
उसने कहा- ठीक है.

मैंने जमीन पर कैरम बोर्ड रखा और हम दोनों खेलने लगे. मैं इस तरह से बैठा था कि उसे मेरा फटा हुआ पजामा अच्छी तरह से नजर आए. खेलते हुए उसकी नजर मेरे पजामे के उधड़े हुए हिस्से पर चली गई. मैं अनजान बना उसे देख रहा था. वह मेरा लंड देख कर थोड़ा शर्मा रही थी. तब भी वह बार बार मेरे पजामे के उधड़े हुए हिस्से को देखने लगी. उसे मेरा लंड देखने में शायद मज़ा आ रहा था लेकिन वह मुझसे कुछ बोल नहीं रही थी.
मैंने उससे बोला- आज तुम्हारा ध्यान किधर है?
उसने कहा- यश, तुम्हारा पजामा फटा हुआ है.
तो मैंने पजामे की तरफ देखा मेरा लंड तो पहले से ही सरिता के बारे में सोच-सोच कर खड़ा हुआ था.

मैंने सरिता से कहा- मम्मी तो शाम को आएगी और मुझे सिलाई करनी नहीं आती है. अब तो शाम तक यही पहनना पड़ेगा.
उसने कहा- ठीक है कोई बात नहीं … अब कर भी क्या सकते हैं.

मस्तराम चुदाई

और हम खेलने लगे लेकिन वह बार-बार मेरे लंड को देख रही थी. थोड़ी देर बाद उसने कहा- आज खेल में मन नहीं लग रहा है, चलो सोते हैं.
मैंने कहा- ठीक है.

हम दोनों बेड पर लेट गए मेरा लंड खड़ा हुआ था जोकि पजामे से साफ दिखाई दे रहा था. मैं सरिता की तरफ करवट लेकर पलट गया और अपना लंड उसकी गांड से बिल्कुल सटा दिया. उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं की, तो मेरी थोड़ी हिम्मत बढ़ गई. मैंने अपना हाथ धीरे-धीरे टॉप के ऊपर से उसकी चूची पर रख दिया और धीरे-धीरे सहलाने लगा. उसकी सांसें तेज हो चली थीं, लेकिन उसने मुझे कुछ भी नहीं कहा.

फिर मैंने और हिम्मत करके अपना हाथ उसकी कमर से टॉप के अन्दर डाल दिया और उसकी दूधों को सहलाने लगा.

सरिता मेरी तरफ पलटी और मुझसे कहा- यह तुम क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- क्या तुम्हें अच्छा नहीं लग रहा है?
उसने कहा- नहीं नहीं … मुझे तो बहुत अच्छा लग रहा है.
फिर मैंने उसके होंठों को किस किया और वह भी मुझे पागलों की तरह किस करने लगी. उसने मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल कर पूरे मुँह में चारों तरफ घुमाई और धीरे-धीरे उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया और उसे हिलाने लगी.

उसके कोमल हाथों के स्पर्श से मेरा लंड एकदम टाइट हो गया. मैंने अपना पजामा और टी-शर्ट उतार दी और उसका टॉप और जींस भी उतार दी. अब वह सिर्फ पैंटी में थी.
मैंने उससे कहा- मेरा लंड चूसो.

उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और चूसने लगी. मैं तो दूसरी दुनिया में ही पहुंच गया था. मैं एक हाथ से उसका दूध दबा रहा था और दूसरे हाथ से पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत सहला रहा था. फिर मैंने उसकी पैंटी उतार दी और पहली बार मैंने उसकी कोमल चूत के दर्शन किए.
मैं अपनी जीभ से उसके निप्पल पर घुमाने और अपने हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा.

वह इतने जबरदस्त तरीके से मेरे लंड को चूस रही थी कि मेरे शरीर में अजीब सी सनसनी होने लगी. अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था. मैंने उसे बेड पर लिटाया और अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रखा. उसके होंठ अपने मुँह में ले लिए और उसे किस करने लगा. फिर मैंने एक धक्का मारा तो उसकी चीख निकल गई, वह रोने लगी.

पर मेरा अभी आधा लंड ही अन्दर गया था और उसकी चूत से खून निकल रहा था. मैंने उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी और आधे अन्दर गए, लंड से आगे पीछे करने लगा. कुछ देर बाद वह थोड़ी नॉर्मल हुई. मैंने फिर से एक जबरदस्त धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया. वह फिर दोबारा से चिल्लाई, इस बार वह मुझे हटाने की कोशिश करने लगी. पर मैंने उसे जकड़ रखा था और वह मेरी पकड़ से छूट नहीं पाई. मैं ऐसे ही उसे ऊपर पड़ा रहा और उसे किस करता रहा.

कुछ देर बाद वह शांत हो गई और मैं धीरे-धीरे धक्के मारने लगा. उसे भी आनन्द आ रहा था क्योंकि वह सिसकारियां भर रही थी और कह रही थी- आह … और तेज करो … मुझे बहुत मजा आ रहा है.
मैंने अब अपने धक्के मारने की स्पीड तेज कर दी थी. पूरे कमरे में हमारी चुदाई की आवाजें गूंज रही थीं.

धीरे धीरे मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैं उसकी चूत के अन्दर झड़ गया. वह भी मेरे साथ ही झड़ चुकी थी. मैं कुछ देर उसके ऊपर ऐसे ही लेटा रहा. कोई 15:20 मिनट बाद मैं फिर से तैयार था. हमने एक बार फिर सेक्स किया. उसके बाद हम दोनों बाथरूम में एक साथ नहाए और फिर सो गए.

उसके बाद यह हमारा रोज का काम बन गया. मैंने उसे लगातार 4 साल तक चोदा, पर अब उसकी शादी हो गई है. लेकिन वह हर साल गर्मियों की छुट्टियों में अपने मायके आती है. तब हम किसी ना किसी होटल में मिलते हैं और सेक्स का आनन्द लेते हैं.

तो यह है मित्रो, मेरी सच्ची कहानी. मैं आशा करता हूं मेरी यह कहानी आप सभी लोगों को पसंद आएगी. प्लीज मेरी कहानी के बारे में अपने कमेंट, अपनी राय मुझसे जरूर शेयर करें. प्लीज मुझे ईमेल करना ना भूलें. मुझे आप लोगों के ईमेल का इंतजार रहेगा. अगली बार मैं एक और मस्तराम कहानी लेकर आऊंगा धन्यवाद.



"choot story in hindi""hot sexy bhabhi""real sax story""gand chudai ki kahani""jija sali sexy story""chudai kahani""sexi story""school girl sex story""sexy aunti""सेक्स कथा""kamukta hot""new chudai story""बहन की चुदाई""hindi sec stories""teacher ko choda""phone sex hindi""porn story in hindi""bhabhi ki chudai kahani""hot sex stories in hindi""jija sali ki chudai kahani""bhai bhan sax story""porn sex story""xxx stories in hindi""xxx porn story"kamukta"hindi chudai ki kahaniya""jabardasti sex ki kahani""sexy story mom""new xxx kahani""indian mom sex story""sexs storys""हॉट सेक्स स्टोरीज""xxx porn story""indian wife sex stories""free hindi sex story""sexy chut kahani""sex stories hot""hot story with photo in hindi""mama ki ladki ki chudai""new sex hindi kahani""sex story bhabhi""hindi sax storis""balatkar sexy story""sexy story in hondi""sex storis""hot story in hindi with photo""sex stories mom""hindi sex sotri""sex kathakal""hot sex story in hindi""oriya sex stories""hindi srx kahani""sagi bahan ki chudai ki kahani""sexe store hindi""hindi chut kahani"www.kamukta.com"www indian hindi sex story com""kamuk stories""sex shayari""indian sex storis""भाभी की चुदाई""meena sex stories""first time sex story""first time sex story""sexy kahani with photo""meena sex stories""kajal sex story""hindi sex story image""forced sex story""mami sex""sexy storis in hindi""chodan story""pussy licking stories""dirty sex stories in hindi""beti ki chudai""odia sex story""first sex story""devar bhabhi hindi sex story""kamukta hindi story""bap beti sexy story""indian maid sex story""nonveg sex story""hindi sexy story in""sex kahani image""hotest sex story""indian swx stories""baap beti ki sexy kahani""first time sex story""sex stories with images""kajal ki nangi tasveer""gangbang sex stories""sex kathakal""साली की चुदाई""kamukta hot""bhabhi nangi"hindipornstories