ऑफिस की टाइट माल की प्यासी फुद्दी को चाटा

(Office Ki Tight Maal Ki Pyasi Fuddi Ko Chata)

मेरा नाम लड्डन है मैं रीवा का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 26 वर्ष है। मुझे जिम जाने का बहुत शौक है और मैं अपने इसी शौक कोपूरा करने के लिए सुबह जिम जाता हूं, उसके बाद मैं सारा दिन भर घर पर ही रहता हूं, कभी मेरा मन होता है तो मैं शाम के वक्त भी जिम में चला जाता हूं। मेरे पापा पुलिस मेंहै इसलिए वह बड़े ही सख्त मिजाज के हैं, उनकेऔर मेरे बीच में बिल्कुल भी बात नहीं होती लेकिन वह मुझसे बहुत झड़ते हैं और हमे शाही मेरी मम्मी से कहते हैं कि तुम इसे समझाती क्यों नहीं, यह खा खा कर इतना हट्टा कट्टा हो चुका है परन्तु कुछ काम कुछ भी काम करने को तैयार नही है। मुझे भी उनके ताने सुनने की आदत सी हो चुकी थी इसलिए मैं उनसे ज्यादा बात नहीं करता था, उनकी बातों को भी मैं अपने दिल पर नहीं लेता। मेरी मां हमेशा मेरा बहुत सपोर्ट करती थी, शायद उसके इसी स्पोर्ट के वजह से मुझे कुछ काम करने की आदत नहीं थी। Office Ki Tight Maal Ki Pyasi Fuddi Ko Chata.

एक दिन मेरी मम्मी मेरे पास बैठी हुई थी, वह कहने लगी कि बेटा मुझे भी अब लगता है कि तुम्हारी उम्र हो चुकी है तुम कुछ काम क्यों नहीं कर लेते यदि तुम कुछ काम करोगे तो तुम ही लोगों के बीच में जाओगे यदि तुम उनसे मिलोगेतो तुम्हें भी अच्छा लगेगा और तुम अपना खर्चा भी खुद उठा पाओगे, कब तक अपने पिताजी से पैसे मांगते रहोगे या फिर मुझसे पैसे लेते रहोगे। मुझे उस दिन लगा कि वाकई में मुझे भी कुछ काम कर लेना चाहिए क्योंकि अब मेरे पापा भी रिटायर होने वाले थे और उसके बाद वह घर पर ही रहने वाले थे, मेरे पापा हालांकि बहुत अच्छे हैं लेकिन ना जाने उनके और मेरे बीच में बात क्यों नही बनती, मैं उनकी हर बात को इग्नोर कर देता हूं इसीलिए वह मुझसे भी बात नहीं करते, वह मेरी बहन से बहुत प्यार करते हैं।           “Office Ki Tight Maal”

मेरी बहन की शादी 2 वर्ष पहले हो चुकी है और उन्होंने उसकी शादी एक अच्छे घर में करवाई,उसके पति भी एक अच्छी नौकरी है और वह मुझे हमेशा समझाते हैं कि तुम कुछ काम क्यों नहीं देख लेते, मुझे भी लगने लगा कि मुझे कुछ काम कर लेना चाहिए इसीलिए एक दिन मैंने अपने बहनोई को फोन कर दिया और कहा कि आप मेरे लिए कोई काम देख लीजिए, वह कहने लगे ठीक है तुम अपनारिज्यूम बना लेना और मुझे मेरी मेल आईडी पर फॉरवर्ड कर देना।          “Office Ki Tight Maal”

मैंने भी अपना रिज्यूम बनवा लिया और उन्हें मैंने फॉरवर्ड कर दिया, कुछ दिनों बादही उनका मुझे मैसेज आया और वह कहने लगे कि तुम एक दिन घर पर आ जाना, मैंने कहा ठीक है मैं आपसे छुट्टी वाले दिन मिलता हूं, रविवार के दिन उनकी छुट्टी रहती है इसीलिए मैं रविवार के दिन उनके घर चला गया। जब मैं रविवार को उनके घर पर गया तो वह मुझे कहने लगे मैंने अपने एक दोस्त से बात कर ली है वह तुम्हें अपनी कंपनी में जॉब दिलवा देगा, उस दिन मेरी बहन भी मेरे पास बैठ गई वह कहने लगी कि  तूने अब जॉब करने की कैसे सोच ली, मैंने उसे बताया कि मम्मी ने मुझे कहा कि तुम कुछ काम क्यों नहीं करते तो मुझे भी लगा कि मुझे अब कुछ कर लेना चाहिए, वह कहने लगी चलो छोड़ो यह सब तो जाने दो लेकिन तुमने यह अच्छा किया कि तुमने जॉब करने की सोची, तुम जॉब कर लोगे तो तुम्हारा भी खर्चा निकल जाया करेगा, मैंने उसे कहा हां मैं अब जॉब करने के लिए तैयार हूं।

मैं उनके घर काफी देर तक बैठा हुआ था, जब मैं वहां से अपने घर गया तो मेरी मम्मी ने पापा को यह बात बताई, उस दिन मेरे पापा बहुत खुश हुए और उन्होंने उस दिन मुझसे बात की,वह कहने लगे चलो अब तुम्हें कम से कम अकल तो आई, कब तक तुम घर पर ही पड़े रहोगे, मैंने सिर्फ उनका जवाब हां में दिया। कुछ दिनों बाद मेरा उस कंपनी में सिलेक्शन भी हो गया, मेरा उस कंपनी में सिलेक्शन हो चुका था इसलिए मैं सुबह के वक्त ऑफिस चला जाता हूं और शाम को घरलौटता लेकिन मैंने जिम करना भी नहीं छोड़ा था, मैं हर सुबह जिम करने पहुंच जाता क्योंकि वह मेरा डेली का रूटीन था। ऑफिस में मुझे काम करते हुए थोड़ा समय हो चुका था उसी दौरान मेरे ऑफिस में मेरी मुलाकात ज्योति से हुई, ज्योति हमारे ऑफिस में ही काम करती है, मुझे नहीं पता था कि उसका डिवोर्स हो चुका है।            “Office Ki Tight Maal”

एक दिन हम लोग लंच टाइम में साथ में बैठकर लंच कर रहे थे, मैंने ज्योतिसे पूछा कि क्या तुम्हारा डिवोर्स हो चुका है, वह कहने लगी हां मेरे डिवोर्स कोहुए 6 महीने हो चुके हैं, मेरे पति और मेरे बीच में कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा था और उनका किसी दूसरी लड़की के साथ में प्रेम प्रसंग था लेकिनउ न्होंने मुझे शादी से पहले यह बात नहीं बताई थी, जब उन्होंने मुझे शादी के बाद यहबात बताई तो हम दोनों ने एक दूसरे से डिवोर्स लेने का निर्णय कर लिया। मैंने ज्योति से कहा कि तुम्हें कभी अपने पति की याद भी आती है, वह कहने लगी नहीं अब मैं इन सब चीजों के बारे में सोचती भी नहीं हूं। मुझे ज्योति के साथ बात करना अच्छा लगता था इसीलिए मैं हर रोज उससे बात करता था, मुझे जब भी मौका मिलता तो मैं उसे फोन भी कर दिया करता, कभी कबार हम लोग साथ में मूवी देखने भी चले जाते थे।                    “Office Ki Tight Maal”

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मुझे ज्योति के रूप में एक अच्छा दोस्त मिल गया था और वह भी मुझसे अपनी हर बात शेयर करने लगी थी। ज्योति और मेरी अच्छी अंडरस्टैंडिंग हो गई थी इसलिए उसे जब भी मेरी आवश्यकता होती तो वह मुझे फोन कर देती। एक दिन उसने मुझे कहा क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो, मैंने उसे कहा तुम कहो तुम्हें क्या  मदद चाहिए उसने उस दिन मुझे अपने घर बुला लिया। मैं जब ज्योति के घर गया तो उसके घर पर कोई भी नहीं था। मैंने उसे कहा तुम तो अकेली रहती हो, वह कहने लगी हां मैं अकेली ही रहती हूं। मैंने उससे पूछा तुमने तो आज तक यह बात मुझे नहीं बताइ।

वह कहने लगी मैं तुम्हें यह बात नहीं बताना चाहती थी और ना ही मैंने किसी को इस बारे में बताया है। मैंने उसे कहा यह बात छोड़ो तुम्हें क्या जरूरत थी। वह कहने लगी मुझे मेरा सामान ठीक करना था इसलिए मैंने तुम्हें घर पर बुलाया। हम दोनों ही सामान को सही करने लगे, मैं उसके बेड को जब उठाकर कोने में रख रहा था तो उसने भी मेरी मदद की जब हम दोनों थक कर बैठ गए तो मैंने उसकी जांघ पर हाथ रख दिया। मैंने जब ज्योति की जांघ पर हाथ रखा तो वह उत्तेजित हो गई और मुझे कहने लगी मैं तुम्हारे लिए कुछ लाती हूं। मैंने उसे कहा नहीं मुझे कुछ नहीं चाहिए, मैंने उसकी जांघ को तेजी से दबाना शुरू कर दिया था जिससे कि वह मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए उतारू हो गई। मैंने उसे कसकर अपनी बाहों में ले लिया, मैंने जब उसे अपने नीचे लेटाया तो वह उत्तेजित हो गई थी, उसका शरीर तपने लगा था, मैंने देरी नहीं की और उसका नरम होठों को मैंने 2 मिनट तक किस किया। मैंने उसके होठों से खून निकाल दिया था,जब मैंने उसके कपड़े खोले तो उसका बदन देखकर मैं और ज्यादा उत्तेजित हो गया।          “Office Ki Tight Maal”

उसके स्तनों का साइज 36 था और उसकी गांड भ कम मोटी नही थीवह मुझे अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। मैंने उसकी गांड को दबाना शुरू किया, उसके स्तनों कोमै ने काफी देर तक दबाया। जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने उसकी योनि में अपने मोटे लंड को घुसा दिया, जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में घुसा तो वह मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड तो बहुत ही बड़ा है मेरे पेट तक जा रहा है। मैंने उसे कहा अभी तो यह शुरुआत हैमैं तुम्हें और भी तेजी से चोदूंगा। मैंने उसे बड़ी तेजी से झटके देने शुरू किए, उसके दोनों पैरों को मैंने अपने कंधों पर रख लिया। मैं जब उसे धक्के मारता तो उसकी योनि कापानी भी बड़ी तेजी से बाहर की तरफ निकलता, मैं उसे उतनी ही तेज गति से चोदरहा था, जब वह पूरे मूड में हो गई तो वह अपने मुंह से मादक आवाज निकालने लगी। मै उसकी सिसकियां सुनकर और भी उत्तेजित हो जाता। मैंने उसे तेज गति से धक्के देने शुरू किए लेकिन मैं उसके साथ ज्यादा देर तक नहीं कर पाया। जब मेरा वीर्य पतन हुआ तो मैं उसको पकड़ कर लेट गया,मेरा लंड भी उसकी योनि के अंदर ही था।                     “Office Ki Tight Maal”



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