प्यासी की प्यास बुझाई-3

(Pyasi Ki Pyas Bujhai-3)

द्वितीय भाग से आगे :

मैंने उसे खड़ा किया और हम दोनों अब खड़े होकर ही चूमने लगे। फिर वो मुझे अपने कमरे में ले गई, अपने बिस्तर पर लिटा कर एक एक करके मेरे सारे कपड़े निकाल फेंके। जैसे ही उसने मेरा अण्डरवीयर उतारा तो मेरा सात इंच का लण्ड बाहर निकल आया जिसे देखकर वह थोड़ी डर सी गई।

मेरा लण्ड काफी बड़ा और मोटा है जिसे देखकर वो सहम सी गई थी।

मैंने कहा- क्या है जी? कभी लण्ड नहीं देखा क्या आपने?

उसने कहा- देखा है ! लेकिन इतना बड़ा नहीं देखा !

तो मैंने कहा- अब देख लिया है ! तो इसे राहत दे दो।

तो उसने अपने कपड़े उतारने शुरु कर दिए। पहले उसने अपनी साड़ी को अपने बदन से जुदा किया, फिर उसने अपने पेटिकोट को निकाला। अब वह मेरे सामने काले रंग की ब्रा और पेंटी में खड़ी थी। क्या बताऊँ यार ! क्या दिख रही थी वह ! उसके चूचे इतने कसे हुए थे कि जैसे कोई मोसंबी हो !

और मैं इस फिराक में था कि कब वो मोसम्बी मेरे मुँह में जाए।

अब वो मेरे ऊपर लेट गई और मुझे चूमने लगी, मेरे पूरे बदन पर चूमने लगी। मुझे तो 330 वाट का करंट सा लग रहा था। फिर उसने मेरा लण्ड अपने हाथ में ले लिया और जोर जोर से हिलाने लगी। उनके हाथ का स्पर्श पाकर मेरा लण्ड और तन हो गया, एक दम कड़क हो गया था और पूरी तरह चोदने के लिए तैयार था।

लेकिन वो अभी भी ब्रा और पैंटी में थी और मेरे लण्ड को हिला रही थी, तो मैंने कहा- अंजलि, इतना मत हिलाओ ! मैं झड़ जाऊँगा, मुझे भी तुम्हें दूध पिलाना है।

तो वह हंस पड़ी, बोली- हाँ, आज जो तुम जो चाहो वो पिला दो। मुझे तो ऐसे ही लण्ड की तलाश थी। आज मेरी चूत की प्यास बुझा दो, मुझे माँ बना दो, मै तुम्हारे बच्चे की माँ बनाना चाहती हूँ, मुझे माँ बना दो सुनील ! मुझे माँ बना दो !

मैं घुटनों पर खड़ा हो गया और अपना लण्ड उसके मुँह में डाल दिया, वो मेरे लण्ड को धीरे-धीरे चूसने लगी।

हाय ! क्या मजा आ रहा था ! ऐसा लग रहा था कि मैं स्वर्ग में पहुँच गया हूँ, उनके चूसने के तरीके से ऐसा लग रहा था कि उसने काफी ब्लू फ़िल्में देख रखी हैं। अब वो मेरे लण्ड को चुभला रही थी और मुझे बहुत मजा आ रहा था।

अब मैंने उनके मुँह में ही धक्के देने शुरू कर दिए तो उसने कहा- अभी मत धक्के दो ! मेरी चूत में जी भर कर दे देना ! अभी तो बस मुझे अपना दूध पिला दो !

मैंने वैसे ही किया, वो मेरे लण्ड को अब जोर जोर से चुभला रही थी, मैँ आह्ह…. उफ़…..आह्ह….. उफ़…. भरी सिसकारियाँ निकाल रहा था। अब मैं अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया था। फिर मैंने उससे कहा- मैं झड़ने वाला हूँ !

तो उसने कहा- मेरे मुँह में ही झड़ जाओ !

मैंने वैसे ही किया। फिर दो मिनट बाद मैंने एक जोर की पिचकारी उनके मुँह में ही छोड़ दी और झड़ गया।उसने मेरा पूरा रस पी लिया और बाद में जितनी भी बूँदें मेरे लण्ड से टपक रही थी सब वो गटके जा रही थी।

अब मैं झड़ने के बाद बिस्तर पर लेट गया, उसने मेरे लण्ड को उठाने के लिए मुझे चूमना चालू किया और अपने स्तन को मेरे मुँह पर रख दिया। मैं उसके एक स्तन को अपने मुँह में लेकर चु्भलाने लगा जैसा कोई एक साल का बच्चा अपनी माँ का दूध को पी रहा हो। उसके वक्ष काफ़ी बड़े थे और काफी सख्त थे और उनके मुन्नके तो इतने सख्त हो चुके थे कि क्या बताऊँ।

अब मैंने उसके चूचों को दबाना शुरू किया। वो चिल्ला उठी, बोली= उफ़…… मर गई रे सुनील ! जरा धीरे से दबा ! बहुत दिनों से दबे नहीं हैं, दर्द होता है !

तो मैंने धीरे धीरे दबाना शुरू किया, वो धीमी आवाज में सिसकियाँ निकाल रही थी, पूरा कमरा उफ़… आह्ह…. उफ़…….उफ़…. की आवाज से गूंज रहा था। वो अब अपनी चरम सीमा पर पहुँच गई थी और चुदने के लिए एक दम तैयार थी।

लेकिन मै पूरा मजा लेना चाहता था इसलिए मैंने उसके स्तनों को अपने हाथों से जुदा किया और उसके पेट पर चुम्बन करने लगा। वो एकदम उत्तेजित हो गई।

फिर मैंने उसकी ब्रा जो उसके बदन से लटकी थी और उसकी काली पैंटी को उससे जुदा किया।

जैसे ही मैंने पैंटी निकाली तो मुझे स्वर्ग के दर्शन हो गये। उसकी चूत एकदम गुलाबी थी और उस पर एक भी बाल नहीं था, मानो आज ही साफ़ की हो।

मैंने उसकी जांघों को फैलाया और अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी तो वो आह्ह….. मर गई रे ! करके चिल्ला उठी।

अब मैं अपनी उंगली उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा। मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरी उंगलियाँ किसी आग की भट्टी में अन्दर-बाहर हो रही हैं। उसकी चूत बहुत गर्म थी और मेरी उंगली के अन्दर -बाहर करने की वजह से अपना रस फेंक रही थी। मेरी उंगलियों के स्पर्श से वो आह्ह……. आह्ह…… उफ़….स्श्ह…… भरी सिसकारियाँ निकाल रही थी। फिर वो झट से उठी और मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर लगा दिया और कहा- अब मेरा दूध पी लो सुनील !

मैंने वैसा ही किया, मैं उसकी चूत को चाटने लगा। मैं अपनी जीभ को उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा, मेरी जीभ का स्पर्श पाते ही वो और कामुक हो गई और मेरे सर को सहलाने लगी और कहने लगी- सुनील, बस मुझे इसी दिन का इन्तजार था ! मुझे ऐसे ही अपनी प्यास बुझानी थी, मेरे पति ने मेरी ऐसी चुदाई कभी नहीं की। उसके लण्ड से मैं तो संतुष्ट ही नहीं हुई कभी ! जोर से चाटो सुनील ! और जोर से चाटो !

मैं अब उसकी चूत के दाने को चाटने लगा। वो और कामुक हो गई, अब वो जोर जोर से चिल्ला रही थी, पूरा कमरा आह्ह…. उफ़…. आह्ह….. उफ़…उम्…. अम की आवाजों से गूंज रहा था। फिर थोड़ी देर की बुर चटाई के बाद उसकी बुर ने अपना रस छोड़ दिया। उसकी बुर से अमृत का रस निकल कर मेरे मुँह में आ गिरा। उसके रज़ का स्वाद बड़ा नमकीन था जिसे मैं पूरा का पूरा पी गया।

अब वो मुझे अपनी ओर खींच कर चूमने लगी। मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया और उसकी चूत भी अब चुदने के लिए तैयार हो गई।

उसने कहा- सुनील, अब बर्दाश्त नहीं होता ! चोद डाल मेरी चूत को आज ! आज इसे इतना चोदना कि इसे इस चुदाई का एहसास हमेशा रहे !

मैंने वैसे ही किया, मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर सता दिया। जैसे ही मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर सटाया, वो आह्ह…… की आवाज में चिल्ला उठी, कहने लगी- सुनील, इसे रगड़ मत ! इसे डाल दे मेरी चूत में !

जैसे ही मैंने धक्का दिया तो मेरा लण्ड फिसल गया। उसकी चुदाई काफी कम हुई थी इसलिए चूत काफी तंग थी। तो मैंने फिर अपने लण्ड से उसकी चूत पर निशाना साधा और उसकी चूत को एक जोरदार धक्का दिया जिससे मेरा लण्ड 5 इंच अन्दर चला गया। तो वो जोर से चिल्ला उठी, बोली- मर गई रे ! निकाल इसे ! अपने इस मोटे तगड़े लण्ड को निकाल !

यह कहानी आप uralstroygroup.ru में पढ़ रहें हैं।

तो मैंने पूछा- क्या हुआ ?उसने कहा- पहले निकाल ! तो बताती हूँ।

मैंने अपना लण्ड निकाल लिया, वो दर्द के मारे छटपटाने लगी। मैंने उसके दर्द को कम करने के लिए उसको अपनी बाहों में ले लिया और चूमने लगा।थोड़ी देर बाद उनका दर्द कम हुआ तो मैंने तेल उसकी चूत पर लगाया और कुछ अपने लण्ड पर लगा दिया। फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लण्ड रख दिया और एक धक्का दिया। इस बार लण्ड आसानी से अन्दर घुस गया और मेरा सात इंच का लण्ड उसकी चूत में पूरी तरह गड़ गया।

वो अब आह्ह…… आह्ह……. करके चिल्लाने लगी। 10-12 धक्कों के बाद वो भी अपनी गांड ऊपर कर कर के चुदवाने लगी। मैंने भी अपने धक्कों की रफ़्तार बढ़ा दी।

वो तो बस चिल्लाये ही जा रही थी उफ़….आह्ह.. उफ़….. आह्ह…….हाई……. उम्….. उफ़……. उफ़…. और जोर से चोद सुनील ! और जोर से चोद ! आज फाड़ डाल मेरी चूत को।

मेरा लण्ड खाकर उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे उनकी बुर में अपना लण्ड डालकर स्वर्ग का एहसास हो रहा था। अब करीब दस मिनट की चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था। इस दौरान वो झड़ चुकी थी और उसकी चूत अब काफी गीली हो गई थी जिससे मेरा लण्ड बिना रुकावट अन्दर-बाहर हो रहा था।

अब मैं भी अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया था, मैंने कहा- मैं झड़ने वाला हूँ अंजलि !

उसने कहा- मेरे अन्दर ही झड़ जाना ! मुझे माँ बना दो सुनील ! मुझे माँ बना दो !

मैंने ऐसा ही किया और सारा वीर्य उनकी चूत में ही छोड़ दिया। अब मेरा आधा लावा उसकी चूत में था और आधा लावा चूत से बह रहा था। ऐसा लग रहा था कि कोई ज्वालामुखी फट गया है। अब हम दोनों एक दूसरे के ऊपर लेट ग॥

आधे घंटे बाद मेरा लण्ड एक बार फिर खड़ा हुआ इस बार मैंने उनकी गाण्ड मारने का फैसला किया। मैंने उसे घोड़ी की भान्ति झुका दिया और अपना लण्ड उसकी गाण्ड पर रख कर एक जोरदार धक्का दिया। लड़कियों की गाण्ड का छिद्र बहुत छोटा होता है इसलिए मेरे लण्ड के अन्दर जाते ही वो चिल्ला उठी- मर गई रे !

उसकी आँखों से आंसू निकलने लगे, उसकी आँखें पूरी तरह लाल हो गई तो मैंने अपना लण्ड निकाल लिया और कुछ समय के बाद फिर अपना लण्ड उनकी गाण्ड में डाला और ऊपर से तेल गिरा दिया जिससे फिसलन ज्यादा हो और लण्ड आसानी से अन्दर-बाहर हो सके। थोड़ी गाण्ड चुदाई के बाद मेरा लण्ड उसकी गाण्ड में आसानी से अन्दर-बाहर होने लगा। अब उसे भी मजा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी। अब वो अपनी गांड उछाल-उछाल कर चुदवाने लगी और उस समय उनकी मुँह से निकल रहा था- आज मैं संपूर्ण औरत बन गई ! थैंक्स सुनील, तुमने मुझे पूरी औरत बना दिया। इस चुदाई को मैं कभी नहीं भूलूंगी।

अब मैंने धक्कों की रफ्त्तार तेज की तो वो आह……आह…. उफ़…… आह……..की आवाजें निकालने लगी। अब मैं झड़ने वाला था, करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना लावा उसकी गाण्ड में छोड़ दिया।

मैं पूरी तरह थक चुका था और वो भी थक चुकी थी तो हम दोनों एक दूसरे के ऊपर सो गए। झड़ने के बाद हुई थकान के बाद ऐसी नीन्द आई कि शाम के पाँच कैसे बज गए कुछ पता ही नहीं चला। मैंने अब घर जाने की तैयारी की तो उसने कहा- आज यहीं रुक जाओ ! मत जाओ !

लेकिन घर वालों को कुछ बता कर नहीं आया था तो मुझे घर जाना ही पड़ा।

जैसे ही मै दरवाजा खोलकर निकलने ही वाला था तो उसने मेरा हाथ पकड़कर खींचा और कहा- जब जा रहे हो तो मुझे एक बार और चोद कर जाओ !

तो मैंने ऐसा ही किया। इस बार मैंने उसे काऊ गर्ल स्टाइल में चोदा और फिर मैंने अपने आपको साफ़ किया और घर के लिए रवाना हो गया।

जैसे ही घर पहुँचा तो वो सब पल याद करके मैंने एक बार मुठ मारी और सो गया।

उसके बाद जब भी उसे चुदवाना होता था तो वो मुझे फ़ोन करके बुलाती और मैं प्यासी की प्यास बुझाने पहुँच जाता। करीब डेढ़ साल की चुदाई के बाद वो गर्भवती हुई और उसने मेरी बच्ची को जन्म दिया।

अब उसके पति की नौकरी मुंबई में ही हो गई है, अब उसका पति ही उसकी प्यास बुझाता है और पति के आ जाने के कारण अब बहुत कम ही मिलते हैं लेकिन जब कभी भी वो अकेलि होती है तो मुझे बुलाती है और हम जम कर चुदाई करते हैं।

तो दोस्तों इस तरह मैंने प्यासी की प्यास बुझाई।

अगर आपको मेरी कहानी पसंद आई तो मुझे अपने विचार मेल करें !



"porn stories in hindi language"sexstories"saxy hinde store""mother son sex story""bhabhi ki jawani""sex shayari""hot hindi sex stories""best porn stories""hindi sexi stori""indian sex stoeies""www hindi sexi story com""sexy group story""सेक्स कथा""sax stori hindi""मौसी की चुदाई""hindi chudai story""mastram sex story""sex hot stories""sex kahani photo ke sath""sexy story in hindhi"hotsexstorysexstories"सेक्सी कहानी""xxx porn story""simran sex story""chodan ki kahani""sex stories group""hindi bhabhi sex""www hindi kahani""hot sex story in hindi"hindipornstories"first time sex story""sexy strory in hindi""sister sex stories""antarvasna gay story""bahan ki chudai kahani""wife sex stories""भाभी की चुदाई""bhabhi devar sex story""latest sex stories""sex story maa beta""xossip hot""new sexy storis"kaamukta"sexy stoery""indin sex stories""hot sex story""teacher ko choda""hindi khaniya""didi sex kahani""randi chudai""adult stories hindi""hot sex story""meri chut me land""hindi sex kahania""सेक्स स्टोरीज""baap beti ki sexy kahani hindi mai""mast sex kahani""hot chudai""mom ki chudai""chodan story""english sex kahani"indiasexstories"chudai mami ki""hot indian story in hindi""hot hindi kahani"hotsexstory"indian srx stories""bhabi ki chudai""latest hindi sex stories"mastaram"chudai ka maza""sex storeis""sexy story kahani""hot khaniya""hindi font sex story""sex story mom""sex story wife""hindi chudai kahani with photo""sex story"