सगी बहन की चुदाई की आसानी से

(Sagi Behan Ki Chudai Ki Aasani Se)

प्रिय दोस्तो, मैं प्रदीप यादव (बदला हुआ नाम) uralstroygroup.ru पर यह मेरी पहली चुदाई की कहानी है, हो सकता है कि मैं एक अच्छा लेखक नहीं हूँ पर मैं अपनी सच्ची कहानी सभी को बताना चाहूंगा कि अपनी ही बहन को कैसे पटाते हैं और इसमें कुछ गलत नहीं है अगर दोनों की रजामन्दी है तो!
बहन के साथ सेक्स करने में बहुत फायदे होते हैं.
1) जब लंड खड़ा हो या चूत में खुजली हो, तभी शांत करवा सकते हो.
2) पूरे दिन रात आपको किस मिलती रहेगी.
3) बिल्कुल सेफ सेक्स रहेगा, पकड़े जाने का कोई डर नहीं!
4) सबसे बड़ा फायदा आपको अकेले मुठ या उंगली नहीं करनी पड़ेगी, हर रात सुहागरात होगी!

अब मैं देर न करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ, यह बात 2015 की हैं, मैं उस समय 20 साल का था और ग्रेजुएशन के दूसरे ईयर में था. मैं ज्यादा हॉट तो नहीं था परंतु अगर कोई लड़की मिल जाये तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था.
मेरी बहन मीतू (बदला हुआ नाम) जो उस समय 18 वर्ष की थी और 12वीं कक्षा में पढ़ती थी, कच्ची कली, छोटे छोटे बूब्ज़, रंग गोरा, उसकी हाईट कोई 5 फीट 5 इंच की होगी, मैं घर कभी कभी जाता था क्योंकि मैं बाहर शहर में पढ़ता हूँ, घर में मम्मी और बहन रहती हैं और पापा बाहर जॉब करते हैं.

20 साल की उम्र में लड़कों को चूत चाहिये होती है, अगर कहीं भी ना मिले तो वो खुद के घर में देखते हैं!
मैं भी अपनी छोटी और जवान बहन को देखता था, वो इतनी भी छोटी नहीं थी कि कुछ समझे ना, जब मैं उसको मजाक मजाक में छूता था तो वो बहुत स्माइल देती था पर हम उस समय ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं!
तब तक मैंने अपनी बहन के साथ ऐसा कुछ करने का कभी सोचा भी नहीं था पर जब से मैं uralstroygroup.ru पर भाई बहन की चुदाई की कहानी पढ़ने लगा था, मेरे मन में भी कुछ कुछ होने लगा था और फिर मुझे लगने लगा कि अगर मीतू को पटा लूँ तो जिंदगी के मजे कई गुना हो जाएंगे!

अब मैं अपनी पढ़ाई से ज्यादा मीतू को पटाने के बारे में सोचने लगा, गूगल, यू ट्यूब हर जगह देखा कि बहन की कामुकता को कैसे जागृत किया जाए. बहुत दिनों के बाद समझ आया कि जब तक हिम्मत नहीं करूँगा तब तक तो हाथ से ही काम चलाना होगा.
अब एक महीने बाद रक्षाबंधन थी और मुझे घर जाना था. मैं समझ गया कि इस बार उसे क्या गिफ्ट देना हैं, उसी दिन से मैंने अपना काम शुरू किया और फोन पे ही कुछ अलग तरह की बातें शुरू की, जैसे तुमने अभी क्या पहना है, नहाने के बाद क्या पहनोगी, नहाने में इतना समय क्यों लगाया, आज साबुन लगाया था या नहीं!
ऎसी बातें से क्या होता है कि आपका मनोबल भी बढ़ता है और लड़की की वासना भी बढ़ने लगती है!

अब मैं रक्षाबंधन के एक दिन पहले ही घर चला गया था, मेरा प्लान तैयार था. पहुँचते ही मैंने अपना प्लान शुरू किया और मम्मी से मुलाकात की. फिर जब मम्मी दूसरे कमरे में गयी तो बहन को गले मिला, मैं कभी गले नहीं मिलता था पर उस दिन मिला और अपनी बाहों में उठा लिया. उस समय मेरा लंड उसकी चुत के पास था पर वो कुछ समझ नहीं पायी, उसे लगा कि ये भाई का प्यार है!

अब रात को मम्मी रसोई में खाना बना रही थी और मैं और मीतू एक दूसरे कमरे में बातें कर रहे थे. अचानक लाइट चली गयी और अंधेरा हो गया. मैं अपने मोबाइल को ढूंढने के बहाने से उसके बिस्तर पे ढूंढने लगा, फिर मैंने जान बूझ कर उस की जांघ पे हाथ रख दिया, वो डर गई और वहां से चली गयी.

फिर कुछ देर बाद मैं उसके बेड पर बैठ कर उस के साथ टीवी देखने लगा और उस की जांघ पे फिर से हाथ रख दिया. वो शर्मा गयी पर कुछ बोल नहीं पायी.
इससे मेरी थोड़ी हिम्मत बढ़ गयी, ऐसा मैंने फिर से एक दो बार और किया, पर इस बार वो वहाँ से भी चली गयी और अपने कमरे में जा कर पढ़ने लग गयी.

हमने खाना खाया और मैं मम्मी के साथ टीवी देखने लगे गया!

फिर मीतू ने कमरे से पुकारा- भाई मैथ्स पढ़ा दो.
मैं समझ गया कि मीतू के मन में भी कुछ तो है, मैंने 10 मिनट में पढ़ा दिया, फिर हम बातें करने लग गए, उस समय मम्मी दूसरे रूम में टीवी देख रही थी तो कोई प्रॉब्लम नहीं थी.
उसके पास बैठते ही मेरा लंड खड़ा हो गया. बात करते करते मीतू मेरी जांघ पे हाथ रखते हुए बोली- भाई पैर ऊपर कर लो!
इतना सुनते ही मेरा हाथ उस की जांघ पे चला गया और सहलाने लगा, उसे भी ऐसा करवाने में मजा आ रहा रहा था, परन्तु अचानक वो खड़ी हो गयी और पंखे की स्पीड बढ़ा कर मेरे पास में ही खड़ी हो गयी.

मैं भी उसके पीछे खड़ा हो गया, अब मेरा लंड उसकी गांड पे था और मैंने बड़ी हिम्मत करके उसके गर्दन पे एक किs किया पर वो कुछ ना बोली तो मैं भी शुरू हो गया.
फिर क्या था, मैं पागलों की तरह उसकी गर्दन पे किस कर रहा था और अपने हाथों से उस के बूब्स बड़े ही आराम से सहला रहा था. मुझे पता था कि कभी भी उसने ऐसा नहीं करवाया है तो बहुत समझदारी दिखा रहा था.
जब कोई 20 साल का लड़का पहली बार किस करेगा तो जरूर पागल हो जाएगा, क्यों दोस्तो?

इतनी देर में मम्मी की आवाज़ आ गयी- प्रदीप दूध ठंडा हो गया पी ले!
और मुझे गर्म माल को छोड़कर जाना पड़ा.

अब दूध पी कर मैं सीधा बाथरूम में गया और मीतू की पैंटी लेकर उसके नाम की मुठ मारने लगा और अपना पूरा माल उसकी पैंटी में छोड़ कर आ गया.
कुछ देर बाद मम्मी बोली- मैं मीतू के पास सो रही हूँ, तुम यही टीवी वाले कमरे में सो जाओ.
पर अब मुझे कहां नींद आने वाली थी, मेरे मन में तो मीतू के बूब्स घूम रहे थे.

अगले दिन रक्षाबंधन था, उसने राखी बांधी और सभी अपना अपना काम करने लग गए. मम्मी खेत में चली गयी, हमें पता था कि मम्मी शाम को देर से आएगी, फिर मैं मोबाइल पर कुछ करने लग गया और मीतू पढ़ने लग गयी.
फिर उसने बोला- भाई कुछ पढ़ा दो, समझ नहीं आ रहा!

वो कुर्सी पे बैठी थी, मैं पीछे से गया और उसको पढ़ाने लगा और मेरा चेहरा उस की गर्दन के पास था, बार बार उस की गरदन को भी चूम रहा था और अपना हाथ उसके जांघ पे रख कर सहला रहा था.
वो स्माइल दे रही थी और कुछ भी नहीं कह रही थी. फिर हमने मिल कर खूब पढ़ाई की.

मैं वहाँ पर अच्छा महसूस नहीं कर रहा था क्योंकि वहाँ बहुत गर्मी थी तो मैंने कहा- चलो अंदर कमरे में चलते हैं.
फिर मैंने उसको अपनी बांहों में उठा कर बेड पे लिटा दिया और उसके दोनों हाथों को पकड़ कर उसके होंठों पर किस करने लग गया. जब वो पूरी तरह गर्म हो गयी तो मैं अपना एक हाथ उसके बूब्स पे रख कर सहलाने लग गया.

अब वो भी पूरी तरह खुल चुकी थी तो उसने मेरे लंड पे हाथ रख दिया, उस समय तो दोस्तो, क्या बताऊँ… मैं सातवें आसमान पे था.
फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी टीशर्ट के अंदर डाल दिया और कुछ देर में मैंने उस के बूब्स को उस की टीशर्ट से आजाद कर दिया और बूब्स को चाटने लग गया. जब मैंने अपना हाथ उस की चूत पे रखा तो उसने मना कर दिया.
मैंने भी जबरदस्ती नहीं की कि जो काम प्यार से हो रहा हो तो जबरदस्ती क्यों!

कुछ घंटे बाद, वो रसोई में कुछ बना रही थी. मैं भी रसोई में चला गया और उस के पीछे खड़ा हो गया, मेरा लंड उस की गांड पे टच हो रहा था, मैं उस की गर्दन को चूम रहा था.
वो बोली- भाई देखो कुकर में से पानी निकल रहा है.
मैंने उस की गर्दन को दूसरी तरफ से टच करते हुए कहा- इधर से भी पी लूं पानी?
उसने हँसते हुए कहा- पी ले, सब तेरा ही तो है.

फिर मुझे क्या था, मैं तो लग गया और मेरे दोनों हाथ उसके चूचों पे थे और मैं धीरे धीरे सहला रहा था. फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी टीशर्ट के अंदर देना चाह तो उसने हाथ पकड़ लिया और बोली- यहाँ नहीं!
और फिर हम दोनो रसोई से बाहर आ गए.

फिर मैं जल्दी से बाथरूम गया क्योंकि तब तक मेरा पजामा पूरा गंदा हो चुका था.

फिर मैंने बरमुडा पहना और बाहर आ गया, उसके बाद तो मैंने उसे पूरे दिन अपनी गोद में उठा उठा कर चूमा और बूब्ज दबाये और चूसे पर उसने चूत को टच नहीं करने दिया. मैं उस दिन में कई बार झड़ चुका था.

उसके अगले दिन मैं फिर से अपनी पढ़ाई करने बाहर चला गया पर अब मेरा मन नहीं लग रहा था क्योंकि मुझे अपनी और अपनी बहन की सील जो तोड़नी थी!

अब मैं घर जाने की जल्दी में लग गया और 15 दिन बाद फिर से घर चला गया, मीतू के लिए यह सरप्राइज था, वो मुझे देखते ही खुश हो गुई, फिर उस दिन तो हमें कुछ भी करने को समय नहीं मिला, पर अगले दिन जब भी समय मिलता मैं किस और बूब्स दबा देता था.

फिर मम्मी शाम 3 बजे दूसरे घर गयी जहाँ हम हमारी गाय रखते हैं, वहाँ से मम्मी पूरा काम करके ही आती हैं तो हमारे पास डेढ़ दो घंटे का समय था.

मम्मी जाते ही मैंने मीतू को बाहों में उठाकर उसी बेड पे लिटा दिया जहां पहले लिटाया था और हम शुरू हो गए, इस बार मैंने देर न करते हुए अपनी बहन को नंगी कर दिया और उस की चूत के दर्शन किये, उस की चुत पे छोटे छोटे गोरे बाल थे, ऐसा लग रहा था कि कभी किसी ने इसको छुआ भी न हो, बिल्कुल सील बंद.

और उसको नंगी करते ही मैं तो गंगा में डुबकी मारने कूद गया और उस के बूब्स को इस बार जोर जोर से दबा रहा था, हम दोनों होंठ एक हो चुके थे, मैंने अपना एक हाथ धीरे से उस की चुत तक ले गया और उसे बड़े ही प्यार से सहलाने लग गया और फिर थोड़ा सा थूक लगा कर मैंने एक उंगली अंदर डाल दी.
जब मुझे उस की चुत गीली महसूस हुई तो मैंने उसे चाटना शुरू किया और जोर जोर से अपनी जीभ से उसे चोदने लगा, वो जोर जोर से सिसकारियां भर रही थी और बोल रही थी- भाई आराम से!

कुछ देर में ही उस की चूत से पानी रिसने लगा तो मैंने अपना तोप तान कर उस की चूत पे रख दिया, तो वो बोली- भाई, आज नहीं… ये फिर कभी करेंगे!
तो मैंने उसकी चूत का सारा पानी पी गया और फिर हमारी बात हुई कि हम चुदम चुदाई नहीं करेंगे पर जब भी मिलेंगे मजे खूब करेंगें!

सोमवार को मेरा कॉलेज था तो मुझे सुबह जल्दी निकलना पड़ा और सुबह मीतू को किस किया और आ गया, जैसे पति काम पे जाने से पहले पत्नी को करके जाता है!

इस बार मैं वापस आकर बहुत खुश भी था और दुःखी भी!
बताओ क्यों?
क्योंकि मेरा चुत देखने का प्लान तो कामयाब हो गया था पर मेरे लंड की सील तो अभी भी पैक थी!

दोस्तो, बहन के साथ सेक्स करना इतना भी आसान नहीं हैं, पकड़े जाने पर गांड भी टूटती है और इज़्ज़त की माँ बहन एक हो जाती है.
तो मुझे हर एक कदम बहुत सोच समझ कर रखना था, और इस बार चोदने का प्लान करने लगा! मैं कोई भी काम ऐसे ही नहीं करता, उस के बारे में सब कुछ पढ़ कर करता हूँ, तो मैं किताबें पढ़ने लगा कि लड़कियों को सेक्स के लिए कैसे राज़ी करते हैं.
तो मैं कहानी के बीच में आप सबसे यही कहना चाहूंगा कि अगर आप भी अपने भाई या बहन को चोदने की सोच रहे हैं तो सोच समझ कर करना या किसी अनुभवी व्यक्ति की सहायता से करें!
अब मैं वापिस अपनी कहानी पे आता हूँ कि मैंने क्या किया उसके बाद!

यह कहानी आप uralstroygroup.ru में पढ़ रहें हैं।

मैंने बहुत पढ़ने के बाद पाया कि लड़की की चुदने की वासना जगाना बहुत जरूरी होता है, अब मैं घर जाने की तैयारी में लग गया.

कुछ दिन बाद मम्मी ने मुझे फोन पर कहा- प्रदीप, मैं इस शुक्रवार को तेरे मामा के घर जा रही हूँ तो तू घर आ जा, मीतू अकेली कैसे रहेगी!
इतना सुनते ही मेरा तो लंड खड़ा हो गया और फिर मैं बाथरूम में जाकर मीतू के नाम की मुठ मारने लग गया!

अब मेरा प्लान शुरू होता है, सबसे पहले मैंने अपने मोबाइल का स्पेस खाली किया और बहुत सारी बहन भाई की पॉर्न वीडियो भर ली!
अब मैं घर गया और शाम को पहुँचा तब तक मम्मी भी जा चुकी थी, और मैं तो हो गया शुरू!

खाने खाते ही मैंने अपनी बहन को गोद में उठा लिया तो वो बोली- रुको, मैं सारे काम करके आती हूँ. फिर हमारे पास दो दिन है, आराम से करना!
जब वो आयी तब तक मैं अपने लैपटॉप में पोर्न चला चुका था.
वो चिल्लाने लगी- बंद करो इसे! बाद में चला लेना!
मैंने उसे शांत करते हुए कहा- पगली आ कर तो देख मैं तेरे लिये क्या लाया हूँ!

वो चली आयी और आकर मेरे गोद में बैठ गयी और मजे लेने लगी! जब तक एक पूरी वीडियो खत्म नहीं हुई तब तक मैंने बूब्स और किस के अलावा कुछ नहीं किया क्योंकि घोड़ी कभी भी लात मार सकती है.
उस ने उस वीडियो में पूरी चुदम चुदाई देखी.

दोस्तो, मैं आपको बता दूं कि साइंस कहती है कि जैसा आंखें देखती हैं, बस मन वैसा जरूर सोचता है तो मुझे पक्का विश्वास था कि मीतू अब चुदने के बारे में सोच रही थी.
तभी मैंने एक और वीडियो चला दी, और इस बार मैंने लैपटॉप को पास ही एक कुर्सी पे रख दिया और हम दोनों भाई बहन साथ साथ देखने लगे.
इस वीडियो में लड़की लड़के के कपड़े उतारती है तो मैंने कहा- जयसे ये कर रहे हैं ना, वैसा ही हम करेंगे, बहुत मजा आएगा.

फिर मीतू ने मेरे कपड़े उतारे और मुझे लिप किस करने लगी, फिर मैंने उसे बेड पे खड़ा किया और पूरे शरीर पे चूमना शुरू किया, जैसे गर्दन पे, नाभि, कान, पेट!
दोस्तो, ये सब करना बहुत जरूरी है, अगर आप कुंवारी चुत चोदने जा रहे हो तो!

मैं अब अपनी एक उंगली से उस की चुत को रगड़ रहा था. जितनी तेज मेरी उंगली चल रही थी, उतनी ही तेज उस की सिसकारियां निकल रही थी, और साथ ही मैं उस के चूतड़ों को भी चूम रहा था.
अब मैंने वीडियो के अनुसार मीतू को उठा कर अपनी गोद में बिठा लिया और बूब्स को चूसने लग गया. मेरी एक उंगली अभी भी उसकी चुत पर थी, अब मेरा लंड मुँह में लेना था पर उसने मना करते हुए बोली कि ये गन्दा है मैं मुँह में नहीं लूँगी.
मेरी बहन मेरे लंड को हाथ मे लेकर ऊपर नीचे करने लगी जैसे वीडियो में हो रहा था.

फिर मैंने बाजू में पड़ी पैन्ट से कंडोम निकाला और अपने लंड को पहना दिया और चुत को चाटने लगा.
कुछ ही देर में मैंने उसकी चुत गीली महसूस की तो मैंने अपना लंड चुत पे रख दिया तो उसने थोड़ा हिलने की कोशिश की पर एक बार कहते ही मान गयी.

बस फिर मैंने अपने हाथ बूब्स पे रखकर थोड़ा सा धक्का मारा तो मेरे लंड की टोपा उस की चुत में था और वो दर्द के मारे रोने लगे गयी, आंखों में आँसू… मुँह से साफ पता लग रहा था कि बहुत डर रही है.
फिर मैंने कुछ देर बाद एक और धक्का मारा तो उस की चीख निकल गयी पर मेरा लौड़ा आधा उस की चुत में जा चुका था. वो चिल्ला रही थी और बोल रही थी- बस भाई, निकाल लो, बहुत तेज दर्द हो रहा है.

फिर कोई 2-3 मिनट बाद मैंने तीसरे झटके में अपना लंड पूरा अंदर डाल दिया था और अब उसकी सील टूट गयी और खून निकलने लग गया!

अब कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे जब तक उसका दर्द कम नहीं हो गया, फिर कुछ देर में मैं अपने लंड को हिलाने लगा और ट्रेन की तरह अपनी स्पीड को बढ़ाने लगा अब तो उसको भी मजे आ रहे थे और सिसकारियां ले रही थी. अब मुझ में और बुलेट ट्रेन में कोई ज्यादा फर्क नहीं था, बहुत तेज चोदने लगा अपनी बहन की चूत को, पूरा बेड ऐसे हिल रहा था कि मानो बहुत तेज वाला भूकंप आया गया हो!
अब वो बेड भी डांसिंग बेड बन गया था. अब मैं झड़ने वाला था तो मैंने लंड भर निकाल कर पूरा माल उस के पेट और बूब्स पे डाल दिया और हम दोनों आराम से बेड पर लेट गए.

थोड़ी देर बाद फिर चूमा चाटी शुरू हो गई, इस बार उस को घोड़ी बनने को बोला तो वो बन गयी और फिर से चुदम चुदाई शुरू!

फिर हम एक साथ नहाने गए और एक दूसरे को नहलाया और फिर से बाथरूम सेक्स किया, बाथरूम में पूरी चुदाई तो नहीं की पर खूब मजे लिए हम भाई बहन ने एक दूसरे के नंगे जिस्म के!
दोस्तो, बाथरूम सेक्स तो उसके बाद मेरा पसन्दीदा सेक्स बन गया.

अब हम थक चुके थे तो बांहों में बांहें डाल कर नंगे ही सो गए!
अगले दिन हमने फिर से सेक्स किया और बहुत किया.

अब मैं हर महीने घर जाता हूँ… कारण आप सभी जानते ही हो! जैसा सुख बहन के साथ सेक्स करने में और नंगा साथ बांहों में बाहें डालकर सोने में आता हैं वैसा सुख कही भी नहीं आता!

मैंने ये सब भाई बहन की चुदाई की बात अपने एक बचपन के दोस्त से बता रखी हैं, अब वो मेरी सहायता लेकर अपनी बहन को पटाने के बहुत करीब है, जल्द ही हम दोनों मिल कर उस की बहन को चोदेंगे, उस की बहन 21 साल की है और बहुत सेक्सी है, मुझे तो उसके चुचे बहुत पसंद हैं! दावा करता हूँ जल्द ही उस को चोद कर कहानी लिखूंगा!

तो दोस्तो, मुझे लगता है कि किसी भी लड़की को पटाने से आसान अपनी बहन को पटाना है, जब मन करे, तब करो, बस थोड़ी सी हिम्मत चाहिए फिर मजा ही मजा है!

अब मैं प्रदीप यादव आप सभी से विदा कहता हूँ!
दोस्तो मेरी भाई बहन की चुदाई कहानी आपको कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताना. और वो लड़के या लड़कियाँ जिन को अपने भाई या बहन को पटाना हैं पर डरते हैं, वो भी मेल के जरिये मुझसे टिप्स ले सकते हैं.



"chikni chut""hindi sexy stor""hindi story hot"kamukata.com"www.sex stories.com""hot hindi sex stories""gay sex hot""hindi hot sex stories""bhanji ki chudai"grupsex"free hindi sexy kahaniya""sex story with image""hindi hot sex""sexy kahani with photo""sex stories office""desi girl sex story""hot hindi sex stories""hindi sexi""kamukta hindi story""hot sex stories hindi"bhabhis"indian mom son sex stories""hindi sex chat story""hindi sexes story""india sex kahani""hindi sax istori""gf ki chudai""hindi adult stories""sexy strory in hindi""bhai bahen sex story""saali ki chudaai""office sex stories""sex stories hot""phone sex in hindi""chodan story""sex story girl""sexi khaniya""hot sex story hindi""www hot hindi kahani"hotsexstory"sex stori""hindisex stories""hindi sexi istori""hindi story sex""sex stories with pictures""hot gay sex stories""girlfriend ki chudai""indian swx stories""chudai in hindi""group sex stories in hindi""muslim ladki ki chudai ki kahani""wife sex stories""hot sexy chudai story""hot girl sex story""girlfriend ki chudai ki kahani""indian bhabhi sex stories""hindi sex storie""desi sex hindi""hindi sex stories in hindi language""chudai ki kahani in hindi with photo""kamukta stories""hot sexy hindi story""हॉट सेक्स""wife sex story""hot hindi sex store""hindi ki sex kahani""hindi sexy hot kahani""wife sex stories"hotsexstory.xyz"imdian sex stories""sexy stroies""porn sex story""hindi sex sto"